मुजफ्फरपुर: बायोमेट्रिक अधिकारी बनकर सिपाही भर्ती परीक्षा केंद्र में घुसा युवक, पुलिस ने किया गिरफ्तार

बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान मुजफ्फरपुर के एक केंद्र पर फर्जी अधिकारी बनकर घुसे एक युवक को पुलिस ने धर दबोचा। आरोपी एक अभ्यर्थी की मदद करने के लिए केंद्र के भीतर घुसने की कोशिश कर रहा था।

परीक्षा केंद्र में सुरक्षा में बड़ी चूक

बिहार में आयोजित हो रही पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर स्थित चैपमैन बालिका इंटर स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक युवक खुद को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और वीडियोग्राफी टीम का हिस्सा बताकर बड़ी ही चतुराई से भीतर दाखिल हो गया। इस घटना ने परीक्षा की सुरक्षा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, सतर्कता बरतते हुए असली टीम के प्रभारी ने समय रहते उसे पहचान लिया, जिससे एक बड़ा फर्जीवाड़ा होने से टल गया।

कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

रविवार को आयोजित इस परीक्षा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन जयप्रकाश नाम के एक युवक ने इन तमाम सुरक्षा घेरों को चकमा दे दिया। वह बिना किसी वैध पहचान पत्र या अनुमति के खुद को बायोमेट्रिक टीम का सदस्य बताकर परीक्षा हॉल तक पहुंच गया। वह काफी देर तक केंद्र के अंदर टीम के साथ रहने की फिराक में था ताकि वह अपने मंसूबों को अंजाम दे सके।

मामले में मोड़ तब आया जब बायोमेट्रिक और वीडियोग्राफी टीम के असली हेड शुभम कुमार की नजर उस युवक पर पड़ी। शुभम कुमार ने जब उसे ध्यान से देखा और अपनी टीम के सदस्यों का मिलान किया, तो उन्हें युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ। पूछताछ करने पर यह साफ हो गया कि जयप्रकाश उनकी टीम का कोई कर्मचारी नहीं है। शुभम कुमार ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत वहां तैनात पुलिसकर्मियों को इस बारे में सूचित किया और संदिग्ध को उनके हवाले कर दिया।

पुलिस पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी जयप्रकाश ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। जमुई जिले के लक्ष्मीपुर का रहने वाला यह युवक अपनी पहचान छुपाकर इसलिए परीक्षा केंद्र में घुसा था ताकि वह एक खास अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचा सके या उसकी मदद कर सके। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह सिर्फ एक अकेले अभ्यर्थी के लिए वहां पहुंचा था या फिर किसी बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा है।

गैंग की तलाश में जुटी पुलिस

सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस प्रशासन अब यह छानबीन कर रहा है कि इस युवक के पीछे कौन से लोग जुड़े हैं और यह गिरोह किस तरह से परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस यह भी स्पष्ट करने में जुटी है कि आखिर वह किस अभ्यर्थी की सहायता करने के लिए केंद्र में घुसने की हिम्मत कर बैठा था।

सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद अब सवाल यह उठ रहे हैं कि एक बाहरी व्यक्ति किसी भी सरकारी परीक्षा केंद्र में इतनी आसानी से कैसे प्रवेश कर गया। हालांकि, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का दावा है कि उनकी सक्रियता की वजह से ही आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया और परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली या गड़बड़ी को होने से रोक लिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इस मामले ने एक बार फिर भर्ती परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती पर बहस छेड़ दी है।

https://hindi.news18.com/news/bihar/muzaffarpur-fake-officer-caught-in-bihar-police-constable-exam-investigation-continues-local18-ws-l-10613461.html