सड़कों की दुर्दशा से बेहाल छाता विधानसभा
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के अंतर्गत आने वाली छाता विधानसभा क्षेत्र की सड़कें अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही हैं। यहां के निवासियों का कहना है कि सड़क का नामोनिशान तक मिट चुका है और अब केवल बड़े-बड़े गड्ढे ही बचे हैं। विशेष रूप से बदावल से नगरिया जाने वाला मार्ग पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। इस मार्ग पर हर दिन हजारों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण अक्सर बाइक सवार फिसल जाते हैं और साइकिल सवार गिरकर चोटिल हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से गुजरने वाला शायद ही कोई व्यक्ति हो जिसे दुर्घटना का सामना न करना पड़ता हो।
विकास के दावों और हकीकत का अंतर
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि पिछले 3 साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन इस सड़क की मरम्मत के लिए किसी ने भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वर्तमान विधायक और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी पर आरोप लगाते हुए स्थानीय जनता ने कहा कि जब चुनाव का समय आता है, तब तो वोट मांगने के लिए तमाम वादे किए जाते हैं, लेकिन जीतने के बाद वे क्षेत्र की ओर देखना तक मुनासिब नहीं समझते। निवासियों का कहना है कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों और स्वयं मंत्री जी से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन नतीजा आज भी शून्य है।
जनता का आरोप: समस्याओं के लिए वक्त नहीं
स्थानीय लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि उन्हें लगता है कि जैसे उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। एक तरफ विकास के नाम पर बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज जनता खुद को कीड़े-मकोड़ों की तरह जीने के लिए मजबूर मान रही है। जिस उम्मीद के साथ लोगों ने अपना कीमती वोट देकर लक्ष्मी नारायण चौधरी को विधायक चुना और सरकार ने उन्हें कैबिनेट मंत्री का महत्वपूर्ण पद सौंपा, उसी जनप्रतिनिधि के पास आज आम जनता की समस्याएं सुनने का वक्त नहीं है। न तो मंत्री जी खुद मौके पर आकर सड़क की हकीकत देखना चाहते हैं और न ही उन्होंने सड़क को जल्द बनवाने का कोई आश्वासन दिया है।
बार-बार बनने वाली सड़कें बनाम अनदेखा मार्ग
नगरिया गांव के रहने वाले बुजुर्ग वासुदेव ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि यह सड़क पिछले 3 वर्षों से बदहाल है। उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि यहां से केवल 1 किलोमीटर की दूरी पर एक और सड़क है, जो इन 3 वर्षों में दो बार बनाई जा चुकी है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर जो सड़क पहले से ठीक है, उसे बार-बार क्यों संवारा जा रहा है, जबकि नगरिया समेत चार अन्य गांव जो इसी सड़क पर पूरी तरह आश्रित हैं, उन्हें नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है। उनकी शिकायत है कि मंत्री जी से कई बार मिलने की कोशिश की गई, लेकिन उनके पास जनता की बातें सुनने का समय ही नहीं है।
उद्घाटनों में व्यस्त जनप्रतिनिधि
स्थानीय बुजुर्ग भगवत ने भी अपनी नाराजगी जताते हुए बताया कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क का अस्तित्व ही खत्म हो जाता है। खेतों का पानी सड़क पर जमा होने से यह तालाब जैसी दिखाई देने लगती है और गहरे गड्ढों का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री जी को सिर्फ नई परियोजनाओं के उद्घाटनों से फुर्सत नहीं है। जनता सड़क पर गिरकर घायल हो रही है, उन्हें चोट लग रही है, लेकिन प्रशासन और मंत्री जी के पास इन समस्याओं पर गौर करने का कोई समय नहीं है। बदावल से नगरिया तक की यह सड़क अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है और लोग आज भी विकास की राह देख रहे हैं।
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