इलाज के बीच संवेदनशीलता का परिचय
जोधपुर का एमडीएम अस्पताल इन दिनों अपनी चिकित्सा सेवाओं से अधिक मानवीय दृष्टिकोण को लेकर सुर्खियों में है। अस्पताल के समर्पित चिकित्सकों और वहां कार्यरत स्टाफ ने सेवाभाव का एक ऐसा उदाहरण पेश किया है जिसने न केवल एक जीवन को संवारा, बल्कि एक बिखरे हुए परिवार को फिर से एक कर दिया।
28 साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म
यहाँ इलाज के लिए आए एक बुजुर्ग व्यक्ति की पहचान जुटाने के दौरान अस्पताल प्रशासन को यह पता चला कि वे बीते 28 वर्षों से अपने परिजनों से बिछड़े हुए थे। अस्पताल की टीम ने हार नहीं मानी और उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए निरंतर प्रयास किए। अंततः अस्पताल के प्रयासों से बुजुर्ग के परिवार का पता लगा लिया गया।
भावुक मिलन और सराहना
जैसे ही इस बुजुर्ग की मुलाकात लंबे समय के बाद अपने परिजनों से हुई, अस्पताल में एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। अपने प्रियजन को सुरक्षित पाकर परिवार के सदस्यों की आंखों से खुशी के आंसू निकल आए। एमडीएम अस्पताल की इस अनूठी पहल की अब हर तरफ सराहना की जा रही है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि अस्पताल न केवल बीमारियों के उपचार का स्थान हैं, बल्कि मानवता और संवेदना का एक बड़ा केंद्र भी हैं।
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