अयोध्या में दान की रकम और आरोपी का आलीशान ठिकाना
अयोध्या के बहुचर्चित राम मंदिर चंदा घोटाला मामले में एसआईटी यानी विशेष जांच दल की रिपोर्ट के बाद कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस पूरे प्रकरण में ट्रस्ट के सदस्य लवकुश मिश्रा का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। हालिया पड़ताल में लवकुश मिश्रा की कथित संपत्ति को लेकर चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। एक ओर जहां वह ट्रस्ट में मात्र 20 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर कार्यरत था, वहीं दूसरी ओर उसकी पत्नी के नाम पर खरीदी गई जमीन और उस पर खड़े किए गए तीन मंजिला भव्य मकान ने सभी को हैरान कर दिया है।
हजार वर्गफीट जमीन और करोड़ों का निर्माण
न्यूज़18 की टीम ने जब मौके पर जाकर जायजा लिया, तो आरोपी की आर्थिक स्थिति और उसकी जीवनशैली के बीच का बड़ा अंतर साफ दिखाई दिया। लवकुश मिश्रा ने अक्टूबर 2025 में अयोध्या के शहादत गंज क्षेत्र में स्थित जयपुरिया स्कूल के पीछे करीब 1000 वर्गफीट का भूखंड खरीदा था। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों के अनुसार, इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 25 लाख रुपये है। इस जमीन की रजिस्ट्री आरोपी की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर की गई है। इस संपत्ति से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज भी सामने आ चुके हैं, जो इस बड़े निवेश की पुष्टि करते हैं।
मकान के अंदर की भव्य सुविधाएं
केवल जमीन ही नहीं, बल्कि उस पर खड़ा किया गया तीन मंजिला ढांचा भी करोड़ों के खर्च की कहानी कहता है। पड़ोसी राजकुमार पांडे ने बताया कि लवकुश मिश्रा अपनी गिरफ्तारी से ठीक पहले तक नियमित रूप से बाइक पर सवार होकर यहां निर्माण कार्य की निगरानी करने आता था। वह अक्सर ठेकेदारों को निर्देश देते हुए देखा जाता था। घर की बनावट पर नजर डालें तो इसके ग्राउंड फ्लोर पर एक विशाल रसोईघर और चार बड़े कमरे बनाए गए हैं। खास बात यह है कि इस मकान के भीतर लिफ्ट लगाने के लिए भी अलग से जगह छोड़ी गई है। पहली मंजिल पर भी पांच कमरे बनाए गए हैं, जिनमें से एक कमरे के अंदर एक और गुप्त कमरा तैयार किया गया है। निर्माण कार्य अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और तीसरी मंजिल पर सरिए निकले हुए हैं, जो भविष्य में और भी निर्माण की योजना की ओर इशारा करते हैं।
लाखों-करोड़ों का खर्च और सवाल
निर्माण क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इस तरह के मकान में केवल एक मंजिल की फिनिशिंग पर ही लगभग 30 लाख रुपये का खर्च आता है। इस पूरे तीन मंजिला मकान को तैयार करने में अब तक 80 से 90 लाख रुपये के करीब खर्च हो चुके होंगे। यदि इसमें जमीन की 25 लाख रुपये की कीमत को भी जोड़ दिया जाए, तो यह निवेश आसानी से डेढ़ करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाता है। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस व्यक्ति की मासिक आय महज 20 हजार रुपये थी, उसने इतनी बड़ी संपत्ति आखिर कहाँ से जुटाई?
गिरफ्तारी का जाल और अन्य आरोपी
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि लवकुश मिश्रा इस मामले में अकेले नहीं है। उसका रिश्तेदार अनुकल्प भी उन आठ आरोपियों में शामिल है, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, ये सभी आरोपी आपस में करीबी हैं और मुख्य आरोपी टिन्नू से सीधे जुड़े हुए बताए जाते हैं। लवकुश मिश्रा का पूर्व में कौशलपुरी इलाके में अनुकल्प और अविनाश के घर के निकट किराये पर रहने का रिकॉर्ड भी मिला है। पुलिस अब इस पूरे आर्थिक नेटवर्क और चंदे की चोरी के पैसों के इस्तेमाल की कड़ियों को जोड़ने में लगी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह आलीशान मकान उन्हीं पैसों से खड़ा किया गया था।
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