बिलासपुर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पर सियासी घमासान, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की लचर व्यवस्थाओं को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सुविधाओं का अभाव

बिलासपुर में स्थित 220 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कोनी इलाके में स्थित यह अस्पताल संभाग के निवासियों के लिए आधुनिक चिकित्सा का एक बड़ा केंद्र माना जा रहा था, लेकिन फिलहाल यह विवादों के घेरे में है। अस्पताल की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध सुविधाओं को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है।

कांग्रेस ने दागे सवाल

कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने इस अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अस्पताल में न तो विशेषज्ञ डॉक्टर पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। कांग्रेस का दावा है कि अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, आईसीयू और कैथ लैब जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं या तो चालू नहीं हैं या फिर वे मरीजों की संख्या के अनुपात में काफी कम हैं। उनका कहना है कि इस संस्थान के निर्माण पर करोड़ों रुपये का निवेश किया गया, लेकिन उसके बावजूद गंभीर मरीजों को आज भी उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर होना पड़ रहा है।

बीजेपी का पलटवार

दूसरी ओर, सत्ताधारी दल भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं ने इन दावों को निराधार और महज राजनीति से प्रेरित करार दिया है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रही है। भाजपा ने तर्क दिया कि अस्पताल के संचालन में आ रही शुरुआती दिक्कतों को दूर करने के प्रयास जारी हैं और सरकार जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बहरहाल, इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम जनता का ध्यान अब अस्पताल की बदहाल स्थिति में सुधार की उम्मीद पर टिका है।

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