पटना: 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने के लिए राबड़ी देवी ने मांगी मोहलत, 5 जुलाई तक का है नया समय

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आज 10 सर्कुलर रोड स्थित अपना सरकारी आवास खाली करना था, लेकिन आधिकारिक सामान की सूची न मिलने के कारण उन्होंने 5 जुलाई तक का समय मांगा है।

पटना में सियासी हलचल और बंगले का मामला

बिहार की राजधानी पटना की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह है कि राबड़ी देवी आखिर अपना सरकारी बंगला, जो 10 सर्कुलर रोड पर स्थित है, उसे कब खाली करेंगी। इस मामले में अब एक नया और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। आधिकारिक तौर पर आज बंगला खाली करने की अंतिम समय सीमा थी, लेकिन फिलहाल इस पर संशय बना हुआ है। अब जानकारी मिल रही है कि राबड़ी देवी आज नहीं, बल्कि 5 जुलाई को अपना आवास खाली कर सकती हैं।

सामान की सूची को लेकर फंसा पेंच

बंगला खाली करने की प्रक्रिया में देरी का मुख्य कारण भवन निर्माण विभाग और राबड़ी देवी के बीच समन्वय की कमी बताया जा रहा है। दरअसल, जब 10 सर्कुलर रोड का आवास राबड़ी देवी को आवंटित किया गया था, उस समय विभाग की ओर से उन्हें घर में इस्तेमाल के लिए कई सरकारी सामान मुहैया कराए गए थे। अब बंगला खाली करते समय राबड़ी देवी चाहती हैं कि वे उन सभी सामानों का विधिवत मिलान कर लें। राबड़ी देवी के आप्त सचिव ने भवन निर्माण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर सूचित किया है कि विभाग की तरफ से उन्हें अब तक उन सामानों की आधिकारिक सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है जो आवंटन के समय घर में मौजूद थे।

प्रशासन को लिखा गया पत्र

राबड़ी देवी के आप्त सचिव द्वारा भेजे गए पत्र में 22 जून के उस अंतिम नोटिस का हवाला दिया गया है, जो भवन निर्माण विभाग की तरफ से जारी हुआ था। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विभाग की टीम ने अब तक वह अधिकृत सूची नहीं दी है, जिसके आधार पर आवास में मौजूद सामानों की जांच की जा सके। राबड़ी देवी का स्पष्ट कहना है कि वे बंगला खाली करने की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ करना चाहती हैं ताकि बाद में किसी भी प्रकार का विवाद या भ्रम की स्थिति पैदा न हो। सामान की सूची मिलने के बाद ही वे मिलान की प्रक्रिया पूरी करेंगी और बंगले की चाबियां सौंपेंगी।

20 साल पुराने रिकॉर्ड का जिम्मा

यह बंगला राबड़ी देवी को वर्ष 2006 में आवंटित किया गया था। इस हिसाब से देखें तो यह करीब 20 साल पुराना मामला है। इतने लंबे समय के बाद सरकारी रिकॉर्ड खंगालना और उस समय मिले सामानों का मिलान करना एक जटिल प्रक्रिया बन गई है। विभाग से सूची मिलने और मिलान करने के लिए ही राबड़ी देवी ने 5 जुलाई तक की मोहलत की मांग की है। यह पूरी प्रक्रिया सरकारी प्रोटोकॉल का हिस्सा है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की जवाबदेही से बचा जा सके।

5 जुलाई की तारीख का महत्व

राबड़ी देवी द्वारा 5 जुलाई की तारीख चुनने के पीछे एक और बड़ी राजनीतिक वजह भी बताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 5 जुलाई का दिन राष्ट्रीय जनता दल के लिए बेहद खास है क्योंकि इसी दिन आरजेडी का स्थापना दिवस मनाया जाता है। पार्टी के इस महत्वपूर्ण आयोजन और स्थापना दिवस के मद्देनजर ही शायद राबड़ी देवी ने बंगला खाली करने के लिए 5 जुलाई की तिथि को चुना है। यह दिन पार्टी और उनके समर्थकों के लिए काफी अहम होता है, इसलिए माना जा रहा है कि पार्टी के इस बड़े कार्यक्रम के बाद ही वे विधिवत रूप से आवास से अपना सामान हटाएंगी और जगह खाली करेंगी। फिलहाल भवन निर्माण विभाग की तरफ से आधिकारिक सूची का इंतजार किया जा रहा है ताकि आगे की कार्रवाई पूरी हो सके।

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