20 साल बाद 10 सर्कुलर रोड से विदाई
बिहार की राजनीति के केंद्र में रहने वाला पटना का 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला अब खाली हो गया है। लालू प्रसाद यादव का परिवार, जो पिछले दो दशकों से इस बंगले में रह रहा था, अब वहां से विदा ले रहा है। रविवार और सोमवार की रात को शिफ्टिंग की प्रक्रिया काफी तेज रही। बंगले के भीतर मौजूद फर्नीचर, कंप्यूटर, एयर कंडीशनर, कपड़े और अन्य जरूरी घरेलू सामान को ट्रकों में लादकर दूसरे स्थानों पर भेजा गया। इतना ही नहीं, परिसर में सालों से लगे हुए पेड़-पौधों को भी काफी सावधानी के साथ निकालकर दूसरी जगहों पर स्थानांतरित किया गया है। यह पूरा घटनाक्रम भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी किए गए चौथे और अंतिम नोटिस के बाद हुआ, जिसमें 29 जून तक बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया था।
तेजस्वी यादव अब 1 पोलो रोड में रहेंगे
इस बड़े बदलाव के बाद अब यह साफ हो गया है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने माता-पिता, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के साथ एक ही छत के नीचे नहीं रहेंगे। तेजस्वी यादव पूरी तरह से अब 1 पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास में शिफ्ट हो गए हैं। उनका निजी और आधिकारिक सामान पहले ही इस नए पते पर पहुँचाया जा चुका है। वहीं, 10 सर्कुलर रोड से निकाला गया अन्य सामान कौटिल्य नगर और परिवार के अन्य निजी ठिकानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव का अगला ठिकाना क्या होगा।
लालू-राबड़ी का नया पता क्या होगा?
सरकार ने राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड पर एक नया सरकारी बंगला आवंटित किया है। हालांकि, वहां अभी भी निर्माण कार्य जारी है और वह पूरी तरह से रहने योग्य नहीं बन पाया है। खबरों के अनुसार, लालू प्रसाद यादव की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए वहां एक विशेष मेडिकल रूम तैयार किया जा रहा है ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो। फिलहाल, जब तक नया आवास पूरी तरह तैयार नहीं होता, तब तक संभावना जताई जा रही है कि लालू यादव और राबड़ी देवी या तो 1 पोलो रोड पर तेजस्वी यादव के साथ रह सकते हैं या फिर वे किसी निजी आवास का रुख कर सकते हैं।
बंगले को लेकर हुआ था विवाद
10 सर्कुलर रोड को खाली कराने को लेकर पिछले कई महीनों से खींचतान चल रही थी। भवन निर्माण विभाग ने इस मामले में राबड़ी देवी को एक के बाद एक चार नोटिस भेजे थे। विभाग का तर्क था कि पूर्व मुख्यमंत्री का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नियमानुसार सरकारी आवास खाली करना अनिवार्य है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध का नाम दिया। इस विवाद को शांत रखने और किसी भी तरह की कानूनी उलझन से बचने के लिए राबड़ी देवी ने विभाग को पत्र लिखकर सरकारी सामान की सूची और चार्ज रजिस्टर की मांग की थी, ताकि आवास खाली करते समय कोई विवाद न हो।
रोहिणी आचार्य ने साझा की भावुक पोस्ट
इस पूरी शिफ्टिंग प्रक्रिया के बीच लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने एक भावुक पोस्ट में लिखा कि कुछ घर केवल रहने की जगह नहीं होते, बल्कि वे हमारी जिंदगी के खूबसूरत पलों और अविस्मरणीय यादों के गवाह होते हैं। उनसे बाहर निकलते समय ऐसा लगता है जैसे कोई हिस्सा पीछे छूट रहा हो और मन भारी हो जाता है। उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव के संघर्षों को याद करते हुए लिखा कि उन्होंने पापा से सीखा है कि मुश्किलों और बाधाओं से विचलित नहीं होना है। उन्होंने अपने पिता को कालजयी व्यक्तित्व वाला बताया और कहा कि वे जहां भी रहेंगे, उनका विराट व्यक्तित्व वही रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
शिफ्टिंग के इस माहौल में बीएमपी-4 के कंपनी कमांडेंट भी 10 सर्कुलर रोड पहुंचे। उन्होंने वहां तैनात पुलिस सुरक्षाकर्मियों की स्थिति का जायजा लिया। आवास खाली होने के साथ ही वहां की सुरक्षा व्यवस्था में जो बदलाव होने थे, उन्हें लेकर समीक्षा की गई। पुलिस जवानों की ड्यूटी और उनकी वर्तमान स्थिति पर अधिकारियों ने चर्चा की, ताकि आवास परिवर्तन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो सके।
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