फीफा वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद साउथ कोरिया के कोच होंग म्युंग-बो ने दिया इस्तीफा

फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद साउथ कोरिया की फुटबॉल टीम के मुख्य कोच होंग म्युंग-बो ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने टीम की नाकामी की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए देश के प्रशंसकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।

फीफा वर्ल्ड कप में दक्षिण कोरिया की विदाई और कोच का इस्तीफा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज के मुकाबले समाप्त होते ही फुटबॉल की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच होंग म्युंग-बो ने रविवार की रात अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। टीम के वर्ल्ड कप से शर्मनाक तरीके से बाहर होने के बाद कोच ने यह कड़ा कदम उठाया है। अंतिम लीग मुकाबले में साउथ अफ्रीका के हाथों मिली हार के बाद टीम ग्रुप में तीसरे स्थान पर सिमट गई, जिससे उसका नॉकआउट दौर में पहुंचने का सपना पूरी तरह टूट गया।

ट्रेनिंग कैंप में ली इस्तीफे की जिम्मेदारी

इस्तीफे की यह घोषणा ग्वाडलाहारा स्थित टीम के ट्रेनिंग कैंप में की गई। इस टूर्नामेंट के दौरान दक्षिण कोरियाई टीम का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। यह स्पष्ट हो चुका था कि टीम वर्ल्ड कप में तीसरे स्थान की श्रेष्ठ टीमों की सूची में भी जगह नहीं बना पाएगी, जो नॉकआउट में जाने के लिए जरूरी था। होंग म्युंग-बो ने इस पूरे अभियान की असफलता की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और अपने समर्थकों से माफी मांगी।

प्रशंसकों से मांगी दिल से माफी

कोच होंग म्युंग-बो ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कहा, मैं उन सभी नागरिकों से दिल से माफी मांगना चाहता हूं जिन्होंने हमेशा कोरियाई फुटबॉल के प्रति अपना प्रेम दिखाया है और राष्ट्रीय टीम को निरंतर समर्थन दिया है। उन्होंने आगे कहा कि आज मैं दक्षिण कोरियाई फुटबॉल टीम के मुख्य कोच के पद से इस्तीफा देने का निर्णय ले रहा हूं। होंग ने स्वीकार किया कि यह जिम्मेदारी लेना उनके लिए कभी भी आसान नहीं था, लेकिन जब उन्होंने यह पद संभाला, तो उन्होंने अपना पूरा ध्यान केवल टीम के लक्ष्य पर केंद्रित रखा। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि वह जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके और इस नाकामी की पूरी जवाबदेही उनकी है।

जुलाई 2024 में संभाली थी कमान

होंग म्युंग-बो को जुलाई 2024 में जुएर्गन क्लिंसमैन के उत्तराधिकारी के तौर पर मुख्य कोच नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल में टीम ने लगातार 11वीं बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया था। कप्तान सोन ह्युंग-मिन की अगुवाई में टीम में ली कांग-इन और किम मिन-जे जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे, जिससे प्रशंसकों को काफी उम्मीदें थीं। टीम ने अपने अभियान की शुरुआत चेक गणराज्य के खिलाफ 2-1 की जीत के साथ शानदार तरीके से की थी, लेकिन इसके बाद मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने टीम की कमर तोड़ दी। कांगो की उज्बेकिस्तान पर 3-1 की जीत ने दक्षिण कोरिया के टूर्नामेंट से बाहर होने पर अंतिम मुहर लगा दी।

राष्ट्रपति ली जे म्युंग की तीखी प्रतिक्रिया

टीम के जल्दी बाहर होने के बाद दक्षिण कोरियाई राजनीति और खेल जगत में भारी आक्रोश देखने को मिला है। राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने टीम के नेतृत्व और फुटबॉल प्रशासन पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से कहा कि एक पूर्व मानद प्रोफेशनल फुटबॉल क्लब चेयरमैन और रेड डेविल्स के सदस्य के नाते, वह इस नतीजे से बेहद हैरान और परेशान हैं। राष्ट्रपति ने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि यह मामला फिर साबित करता है कि सही लोगों की नियुक्ति ही सफलता तय करती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर योग्यता को दरकिनार कर वफादारी और गुटबाजी को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी अयोग्य व्यक्ति को नेतृत्व सौंपा जाएगा, तो परिणाम हमेशा से ही निराशाजनक होंगे।

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