वधावन पोर्ट बनेगा दुनिया के टॉप 10 बंदरगाहों में शामिल, महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पालघर में प्रस्तावित वधावन बंदरगाह को लेकर बड़ी जानकारी दी है। यह प्रोजेक्ट न केवल भारत की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा वधावन पोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में पालघर जिले में प्रस्तावित वधावन बंदरगाह परियोजना पर महत्वपूर्ण बयान दिया है। रविवार को एक समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पोर्ट आने वाले तीन दशकों तक राज्य और पूरे देश की आर्थिक प्रगति में एक प्रमुख आधार बनेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारत की विकास गाथा में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज होगी।

जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह से तीन गुना अधिक क्षमता

इस बंदरगाह की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विशाल कार्गो हैंडलिंग क्षमता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पोर्ट मुंबई के प्रसिद्ध जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक माल संभालने में सक्षम होगा। अपनी इसी अद्वितीय क्षमता के बल पर वधावन बंदरगाह भविष्य में विश्व के टॉप 10 बंदरगाहों की सूची में अपनी जगह बनाएगा।

परियोजना और भूमि अधिग्रहण की स्थिति

पालघर में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखेगी। बंदरगाह की भौगोलिक स्थिति भी अत्यंत अनुकूल है क्योंकि यह तट से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहां 20 मीटर की प्राकृतिक गहराई उपलब्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि में से 30 से 40 प्रतिशत का अधिग्रहण कार्य पूरा किया जा चुका है। सरकार का स्पष्ट रुख है कि किसी पर भी दबाव नहीं डाला जाएगा और मछुआरा समुदाय एवं स्थानीय ग्रामीणों को विश्वास में लेकर ही पुनर्वास की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा।

रोजगार के अवसर और बुलेट ट्रेन का अपडेट

इस बड़े प्रोजेक्ट के माध्यम से करीब 10 लाख नए रोजगार पैदा होने की प्रबल संभावना है। मुख्यमंत्री ने बोईसर में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का भी जायजा लिया। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बुलेट ट्रेन का काम निर्धारित समय सीमा के भीतर चल रहा है और यह दिसंबर 2027 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।

लागत और परिचालन क्षमता

वधावन बंदरगाह को तैयार करने में कुल 76,220 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इस पोर्ट की वार्षिक क्षमता 298 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) तय की गई है, जिसमें 23.2 मिलियन टीईयू कंटेनर को संभालने की अत्याधुनिक सुविधा शामिल होगी। यह विशाल बुनियादी ढांचा भारतीय समुद्री व्यापार को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगा।

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