अब बिजली चोरी पकड़ेगा स्मार्ट मीटर: शिकायत का इंतज़ार खत्म, सीधे कंट्रोल रूम को मिल रहा अलर्ट

भोपाल में स्मार्ट मीटर ने बिजली चोरी रोकने का तरीका बदल दिया है, जहां अब मीटर खुद डिजिटल अलर्ट भेजकर चोरी की सूचना दे रहे हैं। इस तकनीक के जरिए पिछले तीन महीनों में एक हजार से अधिक चोरी के मामले उजागर हुए हैं।

स्मार्ट मीटर की निगरानी से बिजली चोरों में हड़कंप

भोपाल में बिजली कंपनी ने बिजली चोरी को रोकने के लिए अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनी को चोरी पकड़ने के लिए लोगों की शिकायतों का इंतजार नहीं करना पड़ता है। शहर में लगे स्मार्ट मीटर अब खुद ही बिजली चोरी की गतिविधियों को भांप लेते हैं और तुरंत कंट्रोल रूम को डिजिटल अलर्ट भेज देते हैं। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बिजली चोरी के मामलों की संख्या में भारी उछाल आया है और पिछले तीन महीनों के भीतर ही एक हजार से अधिक ऐसे मामले सामने आए हैं। इन मामलों में पकड़े गए लोगों को भारी-भरकम राशि के आकलन बिल थमाए गए हैं।

काम करने का तरीका और मौके पर कार्रवाई

स्मार्ट मीटर की कार्यक्षमता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जैसे ही कोई व्यक्ति बिजली चोरी करने की कोशिश करता है, मीटर का सर्वर सक्रिय हो जाता है और तत्काल प्रभाव से एक डिजिटल संकेत कंट्रोल रूम तक पहुंच जाता है। इसके बाद बिना देरी किए विजिलेंस टीम को मौके पर भेजा जाता है। हाल ही में सुभाष कॉलोनी में गीता तेंदुलकर के तीन मंजिला मकान में की गई जांच इसका एक बड़ा उदाहरण है। वहां किराएदार मीटर का उपयोग करने के बजाय बिजली के खंभे से सीधे तार जोड़कर बिजली जला रहे थे। हालांकि, टीम के वहां पहुंचते ही राजू तेंदुलकर ने सबूत मिटाने के लिए अवैध तारों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक स्मार्ट मीटर अपना काम कर चुका था और मुख्यालय को अलर्ट मिल चुका था। इस कार्रवाई में 18 किलोवाट का अवैध लोड पकड़ा गया, जिसके एवज में बिजली कंपनी ने 2.35 लाख रुपये का बिल जारी किया है।

हर तरह की छेड़छाड़ पर है पैनी नजर

सिटी सर्किल के अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर बेहद संवेदनशील हैं और ये हर प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ लेते हैं। अगर कोई व्यक्ति मीटर की सील तोड़ने की कोशिश करता है, मीटर के कवर को खोलने का प्रयास करता है, खंभे से सीधे कटिया डालता है, न्यूट्रल लाइन के साथ छेड़छाड़ करता है या फिर किसी दूसरी लाइन से बिजली का उपयोग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल सर्वर पर दर्ज हो जाती है। राहुल नगर का उदाहरण लें तो वहां मीटर की इनकमिंग लाइन में कट लगाकर चोरी की जा रही थी, जिसमें 5 किलोवाट का अवैध लोड पाया गया और करीब 90 हजार रुपये का बिल बनाया गया। इसी तरह, सुंदर नगर में एक मकान मालिक अपने नौ किराए के कमरों के लिए खंभे से अवैध तरीके से बिजली ले रहा था, जहां 9 किलोवाट का लोड पकड़ा गया।

विशेष अभियान और आंकड़ों की हकीकत

बिजली कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डिजिटल निगरानी का असर व्यापक स्तर पर दिख रहा है। पिछले दो महीनों में 900 से अधिक और कुल मिलाकर तीन महीनों के अंतराल में एक हजार से ज्यादा बिजली चोरी के मामले पकड़ में आए हैं। कंपनी ने गौर किया है कि ज्यादातर बिजली चोर रात के अंधेरे या तड़के सुबह के समय चोरी को अंजाम देते हैं। इसी वजह से विजिलेंस टीम ने सुबह 6 बजे से विशेष अभियान शुरू कर रखा है। इन अभियानों का मकसद न केवल चोरी रोकना है, बल्कि भारी जुर्माने के साथ आकलन बिल जारी कर सरकारी राजस्व की रिकवरी भी करना है।

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