केतन अग्रवाल हत्याकांड: अब नए सबूतों पर टिकी नजरें
पुणे में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड के मामले में जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे परतें खुलती जा रही हैं। हालिया जांच में एक बेहद महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से नीचे धक्का देकर उनकी जान लेने से मात्र 34 मिनट पहले सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ एक गोपनीय कॉल पर बातचीत की थी। इस रहस्यमयी कॉल ने पूरे मामले को एक नया रुख दे दिया है। मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR के विश्लेषण से यह जानकारी निकलकर सामने आई है। जांच एजेंसियों को गहरा संदेह है कि इसी बातचीत के दौरान अपराध की योजना और मौके की लोकेशन को लेकर अहम संकेतों का आदान प्रदान किया गया होगा।
सीक्रेट कॉल और हत्या का संबंध
सिया गोयल, जिसकी उम्र 20 वर्ष बताई गई है, और केतन अग्रवाल की सगाई इसी साल फरवरी के महीने में हुई थी। हालांकि, सिया का मन कहीं और था और वह चेतन चौधरी के साथ अपने रिश्तों में आगे बढ़ना चाहती थी। पुलिस का मानना है कि हत्या से ठीक आधे घंटे पहले किया गया यह कॉल किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था। अब जांच दल यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर उस 34 मिनट पहले हुई बातचीत में क्या बात हुई थी। क्या यह कॉल हत्या को अंजाम देने का अंतिम संकेत था? पुलिस का अनुमान है कि सिया ने शायद यह सुनिश्चित करने के लिए कॉल किया होगा कि आसपास कोई अन्य पर्यटक मौजूद तो नहीं है, ताकि बिना किसी बाधा के केतन को रास्ते से हटाया जा सके।
सबूत मिटाने की कोशिश और डिलीट किया गया डेटा
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने इस घातक घटना को अंजाम देने के बाद अपने डिजिटल पदचिह्नों को मिटाने का पूरा प्रयास किया था। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, सीडीआर से यह स्पष्ट हुआ है कि कॉल के तुरंत बाद दोनों ने अपने पिछले 3 महीने के सभी व्हाट्सएप संदेशों, इंस्टाग्राम चैट्स और वॉयस नोट्स को अपने फोन से पूरी तरह डिलीट कर दिया था। उनका मकसद यही था कि किसी भी सूरत में हत्या की साजिश के प्रमाण पुलिस के हाथ न लगें। वर्तमान में पुलिस की साइबर विंग फोरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता ले रही है ताकि इन डिलीट किए गए डेटा को फिर से रिकवर किया जा सके, जिन्हें बाद में अदालत में ठोस सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।
उदयपुर ट्रिप और पैसों का लेन-देन
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। पुलिस की छानबीन में यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि सगाई के होने से कुछ समय पहले ही सिया गोयल और चेतन चौधरी साथ में उदयपुर की यात्रा पर गए थे, जहां वे कई दिनों तक एक साथ ठहरे थे। सिर्फ इतना ही नहीं, सिया ने केतन से 1 करोड़ रुपए की बड़ी रकम भी ली थी, जिसका इस्तेमाल वह चेतन के बिजनेस को स्थापित करने के लिए करना चाहती थी। 18 जून को लोहागढ़ किले की ऊंचाइयों पर जब केतन को मौत के घाट उतारा गया, तब से पुलिस लगातार इस एंगल पर काम कर रही है कि क्या यह पूरी साजिश सिर्फ पैसे और प्रेम प्रसंग की वजह से बुनी गई थी। पुणे ग्रामीण पुलिस अब इस कॉल डिटेल रिकॉर्ड को केस का सबसे अहम सुराग मान रही है, क्योंकि इसी फोन कॉल की कड़ियों को जोड़कर हत्या के पूरे राज को खोला जा सकता है।
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