श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग से चार दिनों तक दरिंदगी, होटल मालिक और मैनेजर समेत 10 गिरफ्तार

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक नाबालिग छात्रा के साथ चार दिनों तक लगातार दुष्कर्म का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।

गंभीर अपराध से दहला श्रीगंगानगर

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां 13 वर्षीय एक नाबालिग छात्रा को दरिंदगी का शिकार बनाया गया। आरोप है कि पीड़िता के साथ चार दिनों तक लगातार दुष्कर्म किया गया। इस जघन्य मामले में स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस पूरे मामले में कई होटलों की संलिप्तता सामने आई है, जिस पर गहन जांच की जा रही है।

घटना की शुरुआत और खौफनाक सफर

जांच में पता चला है कि पूरी घटना की शुरुआत 3 जून को हुई थी। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली यह नाबालिग छात्रा अपने एक परिचित मित्र से मिलने के लिए श्रीविजयनगर गई थी। वापस लौटते समय वह रात के समय श्रीगंगानगर पहुंची। यहां उसने एक ई-रिक्शा चालक, जिसकी पहचान रामबाबू के रूप में हुई है, से अपने घर छोड़ने की गुजारिश की। आरोप है कि चालक उसे सुरक्षित घर पहुंचाने के बजाय धोखे से एक होटल में ले गया। इसके बाद छात्रा को शहर के अलग-अलग होटलों में ले जाकर लगातार चार दिनों तक प्रताड़ित किया गया। शुरुआती पड़ताल में तीन होटलों का जिक्र आया था, लेकिन बाद में बीरबल चौक के पास स्थित ड्रीम नामक होटल की जानकारी भी सामने आई। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या पीड़िता को आरोपियों ने किसी तरह का नशीला पदार्थ दिया था।

ऐसे खुला राज

इस खौफनाक मामले का खुलासा तब हुआ जब लड़की के लापता होने पर उसके परिजनों ने 22 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को होटल जॉय इन से सकुशल बरामद किया। पीड़िता ने पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद कानून का शिकंजा कसना शुरू हुआ। लड़की के बयानों के आधार पर पुलिस ने विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

कौन-कौन है गिरफ्त में

पुलिस की कार्रवाई के बाद पकड़े गए आरोपियों में होटल के मालिक, मैनेजर और घटना को अंजाम देने वाले युवक शामिल हैं। प्रमुख गिरफ्तारियों में होटल मालिक मयंक सैन, मैनेजर हरदीप नाथ और सचिन, ई-रिक्शा चालक रामबाबू के साथ-साथ मुकेश नाथ और लालबंद सिंगला जैसे नाम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इनमें से करीब पांच आरोपी सीधे तौर पर यौन शोषण में लिप्त पाए गए हैं। कुछ आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि कुछ अभी पुलिस रिमांड पर हैं।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

एसपी हरिशंकर यादव ने जानकारी दी है कि जांच को बहुत ही संवेदनशीलता और तेजी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने सबूत जुटाने के लिए संबंधित होटलों के सीसीटीवी डीवीआर जब्त कर लिए हैं और एक विशेष टीम फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा होटलों के रिकॉर्ड, किराया रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने एक होटल को सील कर दिया है और अन्य संदिग्ध स्थानों की भूमिका को खंगाला जा रहा है। मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि इस मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता पीड़िता की सुरक्षा, बेहतर इलाज और उसका पुनर्वास सुनिश्चित करना है। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं ताकि इस जघन्य कृत्य में शामिल हर एक कड़ी को पकड़ा जा सके।

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