महाराष्ट्र में परीक्षा से पहले पेपर लीक और कार्रवाई
महाराष्ट्र राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET के पेपर लीक होने की घटना के बाद राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। आगामी 28 जून को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल यानी SIT के गठन का निर्देश दिया है। इस SIT की अगुवाई ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त पंजाबराव उगले करेंगे। ताजा घटनाक्रम में, पेपर लीक मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस को अभी भी दो अन्य संदिग्धों की तलाश है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
मामले में तीन गिरफ्तारियां और साजिश का खुलासा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे और डीजीपी सदानंद दाते के साथ उच्च स्तरीय चर्चा के बाद स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। भिवंडी पुलिस की सक्रियता से TET पेपर लीक के मामले में 3 आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी है। हालांकि, जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड अभी भी कानून की पकड़ से दूर है। पकड़े गए आरोपियों के पास से TET परीक्षा के चार सेट प्रश्न-पत्र बरामद किए गए हैं, जिससे पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
डेढ़ करोड़ रुपये की बड़ी डील
पुलिस जांच में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि ये आरोपी पेपर को बेचने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की सौदेबाजी कर रहे थे। एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट के शामिल होने का अंदेशा जताते हुए पुलिस ने अदालत से आरोपियों की 10 दिन की कस्टडी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल उन्हें 8 दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा है। पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि यह पेपर किन-किन लोगों तक पहुंचना था और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े गिरोह सक्रिय हैं।
परीक्षार्थियों में निराशा और शिक्षकों की मांग
आज 28 जून को होने वाली इस परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 4 लाख 28 हजार उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा अचानक रद्द होने के कारण लाखों युवाओं में गहरी निराशा और आक्रोश का माहौल है। इस बीच, महाराष्ट्र राज्य शिक्षक संघ ने सरकार के सामने एक प्रमुख मांग रखी है। संघ ने आग्रह किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्थिति में एक महीने के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए ताकि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो।
राजनीतिक घमासान और बयानबाजी
TET पेपर लीक का मुद्दा अब महाराष्ट्र की राजनीति में भी तूल पकड़ चुका है। विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरते हुए इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि एक और पेपर लीक होने से परीक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा प्रणाली को वसूली तंत्र में तब्दील कर दिया गया है, जिससे देश का युवा वर्ग खुद को असुरक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। वहीं, शिवसेना नेता संजय निरुपम ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस और सरकार की एक बड़ी कामयाबी करार दिया। उन्होंने कहा कि देशभर में कोचिंग संस्थानों की आड़ में पेपर लीक माफिया सक्रिय हैं। निरुपम ने सरकार से अपील की है कि दिल्ली से लेकर मुंबई तक एक कड़े कानून का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी गिरोह दोबारा इस तरह की हिमाकत न कर सके।
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