टीईटी पेपर लीक का फिल्मी भंडाफोड़, पुलिस ने खुद ग्राहक बनकर दिल्ली-बिहार तक फैला जाल

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिसकर्मियों ने फर्जी ग्राहक बनकर आरोपियों को जाल में फंसाया और अब जांच की आंच चार राज्यों तक पहुंच चुकी है।

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक का हैरान करने वाला मामला

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी के पेपर लीक होने के मामले ने शिक्षा जगत में सनसनी फैला दी है। इस मामले में पुलिस ने बेहद फिल्मी अंदाज में एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान सामने आया है कि इस रैकेट की जड़ें न केवल महाराष्ट्र में हैं, बल्कि यह पूरे देश में फैली हुई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है, जिसकी चार टीमें देश के चार अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही हैं।

पुलिस का सीक्रेट मिशन और फिल्मी स्टाइल में कार्रवाई

इस पूरे ऑपरेशन की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म जैसी है। ठाणे पुलिस को 25 जून को देर शाम इस पेपर लीक की जानकारी मिली थी। जैसे ही सूचना मिली, पुलिस ने तुरंत एक मास्टर प्लान तैयार किया। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस के जवानों ने खुद को उम्मीदवार और फर्जी ग्राहक के रूप में पेश किया। पुलिस ने गिरोह के सामने पेपर खरीदने की इच्छा जताई और उन्हें मोटी रकम का प्रलोभन दिया। दो दिनों तक चली रेकी और सटीक योजना के बाद, जब आरोपी सौदा करने के लिए ठाणे पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

चार राज्यों में दौड़ रही है एसआईटी

जांच का दायरा अब महाराष्ट्र से निकलकर अन्य राज्यों तक पहुंच चुका है। एसआईटी की चार विशेष टीमें इस समय दिल्ली, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, इन राज्यों में गिरोह के स्थानीय संपर्कों को खंगाला जा रहा है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इन राज्यों में छापेमारी के बाद इस रैकेट से जुड़े कुछ बड़े और प्रभावशाली नामों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल, एसआईटी की टीमें इन चार राज्यों में डेरा डाले हुए हैं और स्थानीय पुलिस की मदद से सबूत जुटा रही हैं।

फ्लाइट लेकर ठाणे पहुंचे थे आरोपी

पुलिस पूछताछ और जांच में यह पता चला है कि यह कोई मामूली गिरोह नहीं है, बल्कि यह एक हाई-टेक नेटवर्क है। गिरोह के चार आरोपी बाकायदा दिल्ली से हवाई जहाज का टिकट बुक कराकर ठाणे पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि वे सौदा पूरा करके मोटी रकम के साथ वापस लौट जाएंगे, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वे पुलिस के जाल में फंस चुके हैं। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए मौके से 3 शातिर गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इनका चौथा साथी मौके से चकमा देकर फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

चौथे आरोपी की तलाश और आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर असल में कहां से और किसके माध्यम से लीक किया गया था। इस मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ने के लिए पुलिस अब तकनीकी सर्विलांस का सहारा ले रही है। पुलिस का मानना है कि फरार चल रहे चौथे आरोपी की गिरफ्तारी ही इस पूरे नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड यानी 'गॉडफादर' तक पहुंचने का रास्ता साफ करेगी। यह मास्टरमाइंड संभवतः दिल्ली या किसी अन्य राज्य में बैठकर इस पूरे गिरोह का संचालन कर रहा है। ठाणे पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ फरार आरोपी की धरपकड़ में जुटी है ताकि शिक्षा व्यवस्था को दूषित करने वाले इस गिरोह के हर चेहरे को बेनकाब किया जा सके।

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