धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में स्थित देवी मां का यह मंदिर अपनी अनूठी विशेषताओं के कारण श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर की सबसे बड़ी पहचान यहां एक साथ बजने वाले चौरासी घंटे हैं, जिनकी गूंज आसपास के वातावरण को भक्तिमय बना देती है। मंदिर परिसर में देवी मां की अति प्राचीन और दिव्य प्रतिमाएं स्थापित हैं, जिन्हें चमत्कारिक माना जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी जटिल समस्याओं और बीमारियों से मुक्ति पाने की कामना लेकर यहां पहुंचते हैं।
दो सौ साल पुराना इतिहास
फिरोजाबाद के सदर बाजार क्षेत्र में स्थित इस प्रसिद्ध 'चौरासी घंटा मंदिर' के बारे में जानकारी देते हुए पुजारी आचार्य विष्णु गर्ग ने बताया कि यहां स्थापित देवी प्रतिमाएं लगभग दो सौ साल पुरानी हैं। समय के साथ इस मंदिर का स्वरूप निखरा है और आज से करीब एक सौ साल पहले इसे एक भव्य रूप दिया गया था। मंदिर की वास्तुकला और वातावरण श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। केवल प्रतिमाएं ही नहीं, बल्कि यहां की हर व्यवस्था और स्थापना के पीछे गहरी पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।
मंदिर की अनोखी विशेषताएं
यह मंदिर न केवल अपनी प्राचीनता के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां मौजूद अन्य देव स्वरूप भी भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। मंदिर में चौंसठ जोगिनियों की स्थापना की गई है, जिनकी पूजा-अर्चना के लिए विशेष त्योहारों के दौरान भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। इसके साथ ही मंदिर प्रांगण में भगवान शिव का बटेश्वर शिवलिंग और भगवान गणेश की प्रतिमा भी विराजमान है। पुजारी ने बताया कि जब पूजा और आरती के समय चौरासी घंटे एक साथ बजाए जाते हैं, तो उनकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई देती है। सुबह से लेकर शाम तक मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है और भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार भेंट चढ़ाते हैं।
बीमारियों से राहत का विश्वास
इस मंदिर की सबसे बड़ी मान्यता चेचक जैसी बीमारियों के निवारण से जुड़ी है। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले भक्तों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति चेचक से पीड़ित है, तो वह माता रानी के दरबार में आकर विधि-विधान से पूजा करे, तो उसे निश्चित रूप से राहत मिलती है। पुजारी के अनुसार, माता की असीम कृपा से केवल शारीरिक बीमारियां ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव से जूझ रहे लोग भी यहां आकर स्वस्थ अनुभव करते हैं। उनकी परेशानियों का समाधान माता रानी के आशीर्वाद से हो जाता है।
दूर-दूर से आते हैं भक्त
इस मंदिर की ख्याति फिरोजाबाद तक ही सीमित नहीं है। यहां की चमत्कारिक शक्तियों के कारण आगरा, दिल्ली और लखनऊ जैसे बड़े शहरों से भी भक्त दर्शन के लिए आते हैं। विशेष रूप से होली और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के मौके पर मंदिर में श्रद्धालुओं का बड़ा जनसैलाब उमड़ता है। भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी होने पर माता के चरणों में हाजिरी लगाते हैं। पुजारी का कहना है कि यह स्थान आज भी लोगों के लिए उम्मीद की एक बड़ी किरण है, जहां आकर भक्त स्वयं को धन्य महसूस करते हैं।
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