भक्तों की भारी भीड़ से मालामाल हुआ रेलवे
विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल खाटूश्यामजी में बाबा श्याम के दर्शन के लिए देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुए निर्जला एकादशी के मेले और सप्ताहांत की छुट्टियों के चलते रींगस रेलवे स्टेशन पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली है। श्रद्धालुओं के इस सैलाब ने उत्तर पश्चिम रेलवे के लिए कमाई के नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। रेलवे द्वारा जारी किए गए ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, केवल तीन दिनों की अवधि में 1.50 लाख से अधिक यात्रियों ने ट्रेनों के माध्यम से यात्रा की है। इस भारी संख्या के चलते रींगस रेलवे स्टेशन को 1.25 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो रेलवे के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।
स्टेशन अधीक्षक ने दी जानकारी
रींगस रेलवे स्टेशन के अधीक्षक बाबूलाल बाजिया के अनुसार, बाबा श्याम के दर्शन करके लौटने वाले और दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की तादाद इतनी अधिक है कि ट्रेनों में तिल रखने की जगह भी नहीं बची है। उन्होंने बताया कि रविवार का दिन होने के कारण भीड़ में और भी अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस कारण राजस्व के आंकड़ों में अभी और उछाल आने की प्रबल संभावनाएं बनी हुई हैं। स्टेशन प्रबंधन यात्रियों की इस बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है ताकि किसी को भी असुविधा न हो।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और विशेष दस्ता
स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरती है। जीआरपी चौकी के प्रभारी एएसआई मुकेश कुमार सैनी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। स्टेशन परिसर में कुल 160 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 100 आरपीएफ के जवान और 60 जीआरपी के जवान शामिल हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए महिला रेल कर्मियों को भी तैनात किया गया है। इसके अलावा, कई स्वयंसेवक भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। जयपुर मंडल के सीनियर डीसीएम जगदीश कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों की एक विशेष टीम भी स्टेशन पर लगातार कैंप कर रही है। भीषण गर्मी के मद्देनजर यात्रियों को लू से बचाने के लिए स्टेशन पर विशेष होम शेल्टर बनाए गए हैं, जहाँ श्रद्धालु आराम कर सकते हैं।
सुचारू संचालन के लिए 21 काउंटर सक्रिय
भीड़ के दौरान भगदड़ की किसी भी संभावना को रोकने के लिए रेलवे ने प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए हैं। सीनियर डीसीएम जगदीश कुमार ने जानकारी दी कि टिकटों के लिए यात्रियों को घंटों लाइनों में न खड़ा होना पड़े, इसके लिए कुल 21 काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। इसमें 12 मैनुअल टिकट काउंटर और 9 एटीवीएम यानी ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें शामिल हैं। यह विशेष व्यवस्था रविवार देर रात तक जारी रखी गई ताकि सप्ताहांत की भीड़ को व्यवस्थित रूप से संभाला जा सके।
रींगस से सुंदपुरा तक का सफर
वर्तमान में खाटूश्यामजी कस्बे में कोई अपना रेलवे स्टेशन नहीं है, जिसके चलते देश भर से आने वाले भक्त रींगस जंक्शन पर ही उतरते हैं। रींगस से खाटूश्यामजी मंदिर की दूरी लगभग 17 किलोमीटर है, जिसे यात्री बस, निजी वाहनों, ई-रिक्शा या फिर पैदल पदयात्रा के जरिए तय करते हैं। भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खाटूश्यामजी से मात्र 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सुंदपुरा गांव में एक नए रेलवे स्टेशन के निर्माण की घोषणा की है। भविष्य में जब सुंदपुरा रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा, तो श्रद्धालुओं के पास खाटूधाम पहुंचने के लिए दो स्टेशन उपलब्ध होंगे। इससे न केवल रींगस जंक्शन पर यात्रियों का दबाव कम होगा, बल्कि बाबा के भक्तों को अपने आराध्य के दर्शन करने में और भी आसानी होगी।
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