नीट यूजी 2026: नतीजों से पहले छात्रों के लिए बड़ी राहत
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने 21 जून को आयोजित नीट यूजी री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। इस घोषणा के साथ ही परीक्षा में शामिल हुए 20 लाख उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी सामने आई है। रिजल्ट आने से पहले ही परीक्षार्थियों को बड़े पैमाने पर फायदा मिलता दिख रहा है। प्रोविजनल आंसर-की के अनुसार, फिजिक्स सेक्शन में एक प्रश्न को पूरी तरह से हटा दिया गया है, जिसके चलते परीक्षा में बैठने वाले हर एक अभ्यर्थी को 4 बोनस अंक मिलेंगे। इस फैसले का सीधा असर परीक्षा देने वाले सभी 20 लाख परीक्षार्थियों पर पड़ेगा क्योंकि परीक्षा एक ही शिफ्ट में संपन्न हुई थी।
फिजिक्स के सवालों ने बढ़ाया स्कोर
नीट यूजी 2026 की परीक्षा में फिजिक्स के सवालों ने छात्रों को दोतरफा फायदा पहुंचाया है। पहला लाभ तो सीधे तौर पर बोनस अंकों के रूप में मिल रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, फिजिक्स के एक सवाल को 'ड्रॉप' कर दिया गया है। एनटीए के नियमानुसार, यदि किसी प्रश्न को गलत मानकर हटा दिया जाता है, तो उसके पूरे 4 अंक उन सभी उम्मीदवारों को प्रदान किए जाते हैं जो परीक्षा में उपस्थित हुए थे। इसमें यह बिल्कुल मायने नहीं रखता कि छात्र ने उस सवाल को हल किया था या उसे अनुत्तरित छोड़ दिया था।
इतना ही नहीं, फिजिक्स के ही एक अन्य सवाल के मामले में बोर्ड ने उदारता दिखाते हुए दो अलग-अलग विकल्पों को सही माना है। यानी जिन भी अभ्यर्थियों ने परीक्षा के दौरान उन दो सही विकल्पों में से किसी एक का भी चयन किया था, उन्हें भी पूरे 4 अंक मिलेंगे। यह खबर उन छात्रों के लिए काफी महत्वपूर्ण है जो अपनी रैंक और स्कोर को लेकर चिंतित थे। हालांकि, छात्रों का एक बड़ा वर्ग यह दावा कर रहा है कि सिर्फ फिजिक्स ही नहीं, बल्कि केमिस्ट्री, बायोलॉजी और जूलॉजी के भी कुछ प्रश्नों के उत्तर विवादास्पद हैं। जानकारों का कहना है कि यदि इन विषयों में भी सुधार होता है, तो फाइनल आंसर-की में बोनस अंकों का यह आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है।
आपत्ति दर्ज कराने का अंतिम मौका
यदि किसी उम्मीदवार या शिक्षा विशेषज्ञ को यह लगता है कि एनटीए द्वारा जारी की गई प्रोविजनल आंसर-की में किसी अन्य प्रश्न का उत्तर भी गलत दिया गया है, तो वे आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। नीट यूजी आंसर-की को चुनौती देने की अंतिम तिथि 28 जून निर्धारित की गई है। इस प्रक्रिया के लिए प्रति सवाल 200 रुपये का शुल्क देना अनिवार्य है। यदि उम्मीदवार द्वारा दी गई चुनौती सही साबित होती है और संबंधित सवाल को एनटीए द्वारा ड्रॉप किया जाता है, तो अभ्यर्थी को यह शुल्क वापस कर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद ही फाइनल आंसर-की और नीट यूजी का परिणाम जारी किया जाएगा।
सिस्टम की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल
एक तरफ जहां बोनस अंकों के मिलने से छात्र राहत की सांस ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विशेषज्ञों और समीक्षकों ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब नीट री-एग्जाम को लेकर देशभर में इतना अधिक दबाव था और पूरी परीक्षा का आयोजन बेहद सख्त निगरानी में किया गया था, तो प्रश्नपत्र तैयार करने में इतनी बड़ी त्रुटि कैसे हुई? यह मामला अब एक बड़ी बहस का विषय बन गया है कि आखिर बार-बार ऐसी गलतियां क्यों हो रही हैं और परीक्षा बोर्ड त्रुटिहीन प्रश्नपत्र तैयार करने में सक्षम क्यों नहीं हो पा रहा है। छात्रों और उनके अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखने के लिए भविष्य में और अधिक सावधानी बरती जानी चाहिए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।
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