मंदिर घोटाला: अयोध्या के बाद भिवानी का प्रसिद्ध शक्तिपीठ बना निशाना, पूर्व कर्मचारी के घर से बरामद हुआ सोने-चांदी का जखीरा

हरियाणा के भिवानी जिले स्थित पहाड़ी माता मंदिर में करोड़ों रुपये के सोने-चांदी की हेरफेर का मामला सामने आया है। इस मामले में एक पूर्व सीसीटीवी प्रभारी और सुपरवाइजर के घर से भारी मात्रा में कीमती जेवरात बरामद हुए हैं।

शक्तिपीठ में दान के चढ़ावे पर बड़ी सेंध

अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी की खबरों के बीच अब हरियाणा के भिवानी जिले से एक और मंदिर घोटाले की जानकारी सामने आई है। भिवानी के लोहारू हलके में स्थित सुप्रसिद्ध पहाड़ी माता मंदिर में दान में आए करोड़ों रुपये के सोने और चांदी के आभूषणों की हेरफेर का पर्दाफाश हुआ है। यह मंदिर मां सती के शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और अपनी भव्यता के लिए विख्यात है। इस मामले की गूंज अब मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुकी है और प्रशासनिक स्तर पर इसकी उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।

प्रशासन की देखरेख के बावजूद चोरी का खेल

करीब 400 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस भव्य मंदिर की वास्तुकला देखते ही बनती है। मंदिर के मुख्य गुंबद पर लगभग 52 किलो सोना लगा हुआ है, जबकि मंदिर की छत, दीवारें और दरवाजे सोने-चांदी की बारीक नक्काशी से सजाए गए हैं। बीते 17 सालों से इस अत्यंत संवेदनशील और समृद्ध मंदिर का प्रबंधन और संचालन सीधे जिला प्रशासन के नियंत्रण में है। बावजूद इसके, प्रशासन की नाक के नीचे से कीमती आभूषणों की चोरी का सिलसिला लंबे समय से चलता रहा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

सीसीटीवी प्रभारी और सुपरवाइजर के घर मिला खजाना

इस पूरे घोटाले में जिस व्यक्ति पर मुख्य रूप से आरोप लगे हैं, वह मंदिर का ही एक पूर्व कर्मचारी है। यह आरोपी मंदिर परिसर में सीसीटीवी प्रभारी और सुपरवाइजर जैसे बेहद महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पदों पर तैनात था। हालांकि, करीब तीन-चार महीने पहले ही उसे इन पदों से हटा दिया गया था। समाजसेवी नरेश पहाड़ी की शिकायत के आधार पर जब पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आरोपी के आवास पर छापा मारा, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। छापे के दौरान आरोपी के घर से लगभग 13 तोला सोना और करीब डेढ़ किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए गए। ये सभी आभूषण मंदिर से ही चुराए गए थे।

अयोध्या के बाद देश का सबसे बड़ा मंदिर घोटाला

शिकायतकर्ता नरेश पहाड़ी ने इस मामले को बेहद गंभीर करार देते हुए दावा किया है कि बरामद किए गए सोने और चांदी के आभूषणों की कुल कीमत करोड़ों रुपये में है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में आरोपी ने इन जेवरातों को बाजार के कुछ ज्वेलर्स से खरीदने की बात कहकर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की थी। हालांकि, जब संबंधित ज्वेलर्स से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए फर्जी बिल देने की बात कबूल कर ली है। नरेश पहाड़ी ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे अयोध्या राम मंदिर के बाद देश का सबसे बड़ा मंदिर घोटाला बताया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग की है।

जांच का दायरा और आगामी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए भिवानी के एडीसी (ADC) दीपक बाबूलाल करवा ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। एडीसी ने स्पष्ट किया है कि बरामद किए गए सोने और चांदी के आभूषणों की बारीकी से जांच की जा रही है। आरोपी द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों और बिलों को स्टेट जीएसटी (GST) विभाग के पास वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया है। एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने कहा कि अगर आरोपी इन आभूषणों के वैध दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं को आश्वासन देते हुए कहा कि मंदिर की पवित्रता और लोगों की आस्था के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। इस मामले को निर्णायक मोड़ पर ले जाने के उद्देश्य से एडीसी ने दोनों पक्षों को आगामी 30 जून को कार्यालय में तलब किया है। इसके बाद अगले सप्ताह मामले में अंतिम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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