खेती की सीमित आमदनी से परेशान होकर शुरू किया नया काम, अब हर महीने ₹30 हजार तक कमा रहे किसान

बहराइच के एक किसान ने पारंपरिक खेती के साथ पेंटिंग के हुनर को जोड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को नई दिशा दी है। अब वे खेती के साथ पेंटिंग से हर महीने अच्छी कमाई कर रहे हैं और अन्य लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं।

खेती के साथ बढ़ाई आय की नई राह

अक्सर देखा जाता है कि छोटे किसान पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के कारण आर्थिक तंगी का सामना करते हैं। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रहने वाले विनोद कुमार मिश्रा ने भी एक समय इसी दौर को देखा था। खेती से इतनी कमाई नहीं हो पा रही थी कि वे अपने बड़े परिवार का भरण-पोषण संतोषजनक ढंग से कर सकें। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और खेती के खाली समय का सदुपयोग करने का एक नायाब तरीका ढूंढ निकाला। आज विनोद कुमार मिश्रा खेती के साथ-साथ घरों की पेंटिंग का काम करके हर महीने 25 से 30 हजार रुपये तक अतिरिक्त कमा रहे हैं।

बाहर के शहरों में संघर्ष की कहानी

विनोद कुमार मिश्रा की कहानी संघर्ष से भरी रही है। बहराइच के महसी क्षेत्र स्थित पिपरी गांव के निवासी विनोद के पास लगभग 8 से 10 बीघा कृषि योग्य भूमि है। उन्होंने बताया कि इस छोटी जोत पर की जाने वाली खेती केवल परिवार के खाने-पीने और गुजारे तक ही सीमित रहती थी। आर्थिक मजबूरियों को देखते हुए, उन्होंने रोजगार की तलाश में दिल्ली, मुंबई और लुधियाना जैसे बड़े शहरों का रुख किया। वहां उन्होंने कड़ी मेहनत की, लेकिन बाहर रहने का खर्च इतना अधिक था कि बचत के नाम पर उनके हाथ में कुछ खास नहीं आता था।

खेती और रोजगार के बीच का संतुलन

शहरों में काम करने के दौरान विनोद के सामने सबसे बड़ी चुनौती खेती के सीजन की होती थी। जब फसल कटाई या बुवाई का समय आता था, तो उन्हें अपने काम से छुट्टी लेकर वापस गांव आना पड़ता था। बार-बार नौकरी छोड़ना या काम से छुट्टी लेना उनके करियर में बाधा बन रहा था। इसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि अगर वे कहीं नौकरी करेंगे, तो उन्हें किसी बंधुआ मजदूर की तरह हर रोज एक निश्चित समय पर जाना होगा और वे अपनी खेती की देखभाल ठीक से नहीं कर पाएंगे।

पेंटिंग का हुनर बना आय का स्रोत

गांव लौटने के बाद विनोद ने ठान लिया कि उन्हें कुछ ऐसा काम करना चाहिए जो उनके अपने इलाके में हो, ताकि वे अपनी खेती और अन्य काम के बीच तालमेल बिठा सकें। उन्होंने पेंटिंग का काम सीखा और इसे अपना लिया। अब उनके काम का तरीका बिल्कुल स्पष्ट है: जब खेती का सीजन होता है, तो वे पूरा ध्यान अपनी फसल पर देते हैं और जब खेती का काम कम होता है, तो वे घरों की पेंटिंग का काम करते हैं।

आर्थिक स्थिति में सुधार और प्रेरणा

पेंटिंग के काम ने विनोद की जिंदगी बदल दी है। आज वे इस काम के जरिए 25 से 30 हजार रुपये प्रति माह की कमाई कर रहे हैं। उनके अनुसार, घर के खर्च निकालने के बाद वे हर महीने आसानी से 15000 रुपये की बचत कर लेते हैं। उनकी यह पहल केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के अन्य किसानों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। विनोद दूसरे किसानों को भी यही सलाह देते हैं कि खेती के साथ-साथ कोई अतिरिक्त हुनर सीखना आज के दौर में बहुत जरूरी है, ताकि आर्थिक तंगी से बचा जा सके और जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सके।

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