कराची में अचानक गूंजे धमाके और गोलियों के शोर
पाकिस्तान का आर्थिक केंद्र कहे जाने वाला शहर कराची एक बार फिर से हिंसा की आग में झुलस गया है। गुलिस्तान-ए-जौहर ब्लॉक 6 इलाके में हुए एक शक्तिशाली धमाके ने शहर की शांति को भंग कर दिया है। यह घटनाक्रम केवल एक विस्फोट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धमाके के तुरंत बाद ही इलाके में भारी गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। जिस स्थान पर यह वारदात हुई, वह अर्धसैनिक बल रेंजर्स के दफ्तर, मौसम विज्ञान विभाग और शहर के कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों के बेहद करीब स्थित है। इस हमले के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है और सुरक्षा तंत्र पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।
हमले की गंभीरता और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
यह हमला ऐसे संवेदनशील इलाके में हुआ है जहां सुरक्षा इंतजाम काफी पुख्ता होने चाहिए थे। धमाके के बाद, इलाके में ऑटोमैटिक हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की जानकारी मिल रही है, जिससे इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि यह किसी बड़े आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, अभी तक स्थानीय प्रशासन या किसी आधिकारिक सुरक्षा एजेंसी की ओर से हताहतों की सटीक संख्या या घटना के कारणों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से रेंजर्स मुख्यालय को निशाना बनाया गया है, उसने सुरक्षा गलियारों में हलचल मचा दी है।
जिम्मेदारी का दावा और संदिग्ध संगठनों की भूमिका
इस खौफनाक हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार नामक आतंकी संगठन ने लेने का दावा किया है। इस संगठन के बयानों में यह कहा गया है कि हमले को अंजाम देने के लिए 9 लड़ाकों को तैनात किया गया था। हालांकि, इन दावों की सत्यता की जांच अभी सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। इसके अलावा, खुफिया सूत्रों और विभिन्न रिपोर्ट्स में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े गुटों का हाथ होने की भी आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा बल इस पूरे घटनाक्रम को एक सोची-समझी आतंकी कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं और गहन छानबीन में जुटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने मांगी इमरजेंसी रिपोर्ट
इस बड़े घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने तुरंत प्रभाव से मामले में दखल दिया है। उन्होंने प्रांत के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) और कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (AIG) को इस पूरे मामले पर तत्काल एक इमरजेंसी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा एजेंसियां हर हाल में स्थिति को नियंत्रित करें और यह पता लगाएं कि इस हमले के पीछे किन ताकतों का हाथ है। उन्होंने अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है।
इलाके में नाकेबंदी और यातायात पर असर
सुरक्षा के लिहाज से कराची प्रशासन ने पूरे इलाके को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में आने-जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। मुख्य रूप से मौसमियात चौरंगी से गुलिस्तान-ए-जौहर ब्लॉक 6 और कामरान चौरंगी की ओर जाने वाले मार्गों को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, चमन इकबाल कॉलोनी को जोड़ने वाले रास्तों पर भी भारी बैरिकेडिंग की गई है। फिलहाल, सड़कों पर केवल एम्बुलेंस और सुरक्षा बलों के वाहनों की आवाजाही दिख रही है। आम नागरिकों को घरों के भीतर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की कड़ी हिदायत दी गई है। पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है ताकि किसी भी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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