राम मंदिर दान घोटाला: मंदिर से बैंक तक नोटों की लूट का पूरा सच

एसआईटी की रिपोर्ट में राम मंदिर में हुए दान घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें बैंक ले जाते समय पैसों की हेराफेरी की जाती थी।

दान की राशि में धांधली की इनसाइड स्टोरी

अयोध्या स्थित राम मंदिर में मिले दान की राशि के साथ बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट ने उन तरीकों का पर्दाफाश किया है जिनसे मंदिर के काउंटिंग रूम से बैंक तक पहुंचने के बीच रुपयों की चोरी की जाती थी। जांच में पता चला है कि इस पूरे खेल में संगठित तरीके से बंदरबांट किया जा रहा था।

इस तरह दिया जाता था चोरी को अंजाम

जांच में खुलासा हुआ है कि पैसों की हेराफेरी बेहद सुनियोजित तरीके से होती थी। जब दान की राशि को मंदिर से बैंक ले जाने की प्रक्रिया चल रही होती थी, तब रास्ते में ही नोटों के बंडलों में फेरबदल किया जाता था। चोरों ने चोरी की रकम को छिपाने के लिए एक खास तरीका अपनाया था। वे 5 लाख रुपये के बड़े बंडलों के भीतर 500-500 रुपये के 12 बंडल आसानी से छिपा देते थे, जिससे किसी को शक न हो।

42 लोगों की मिलीभगत का शक

एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे घोटाले में एक या दो नहीं बल्कि कुल 42 लोगों की मिलीभगत की आशंका जताई गई है। इन लोगों ने मिलकर मंदिर के खजाने को चूना लगाया है। रिपोर्ट में शामिल संदिग्धों का विवरण इस प्रकार है:

  • SBI के 6 कर्मचारी।
  • 24 प्राइवेट कर्मचारी।
  • 12 अन्य कर्मचारी।

मंदिर के काउंटिंग रूम से शुरू होकर बैंक की तिजोरी तक पहुंचने के बीच करोड़ों रुपये के हेरफेर की पुष्टि हुई है। जांच एजेंसियां अब उन सभी लोगों के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही हैं जो इस गंभीर वित्तीय अपराध में शामिल थे।

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