नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय का बड़ा कदम
अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू) ने अपने शैक्षिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पांच नए वैल्यू एडेड कोर्स की शुरुआत की है। ये पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का मुख्य लक्ष्य छात्रों को केवल किताबों और डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें समग्र विकास के मार्ग पर ले जाना है। इन कोर्सेज के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों से परिचित कराया जाएगा, ताकि वे भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
इन पांच विषयों को किया गया है शामिल
विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए गए इन पांच नए वैल्यू एडेड पाठ्यक्रमों में भारतीय जीवन दर्शन और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी गई है। इन विषयों की सूची निम्नलिखित है:
- कर्मयोग
- प्रकृति बोध
- मतदान संस्कार
- तीर्थराज पुष्कर
- महर्षि दयानंद सरस्वती का वैदिक दृष्टिकोण
इन विषयों का उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारना और उन्हें अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक धरातल पर मजबूत बनाना है।
लिखित परीक्षा से मिलेगी मुक्ति
इन नए पाठ्यक्रमों की सबसे बड़ी विशेषता इनका मूल्यांकन पैटर्न है। विश्वविद्यालय ने यह स्पष्ट किया है कि छात्रों को इन विषयों के लिए पारंपरिक लिखित परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में इन कोर्सेज का खाका तैयार किया गया है, जिसमें मूल्यांकन के लिए पूरी तरह से रचनात्मक और व्यावहारिक माध्यमों का चयन किया गया है। छात्रों का आकलन निम्नलिखित आधारों पर किया जाएगा:
- फील्ड विजिट
- प्रोजेक्ट वर्क
- सामुदायिक सहभागिता
- सर्वे
- रिपोर्ट लेखन
- समूह चर्चा
इस नई प्रणाली से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों को समझने और उनमें सक्रिय रूप से भाग लेने का अनूठा अवसर प्राप्त होगा।
शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा संगम
विश्वविद्यालय का यह प्रयास केवल पाठ्यक्रम विस्तार तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना है जो अपनी शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनशीलता के प्रति भी जागरूक रहें। एनईपी-2020 की मंशा के अनुरूप ये वैल्यू एडेड कोर्स छात्रों में नेतृत्व क्षमता का विकास करेंगे और उन्हें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का भाव सिखाएंगे। यह पहल पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से हटकर व्यावहारिक और मूल्य आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। इस प्रकार, एमडीएसयू अजमेर न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए काम कर रहा है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भी एक नए अध्याय की शुरुआत कर चुका है, जो उन्हें किताबी ज्ञान से परे जीवन के व्यावहारिक कौशल प्रदान करेगा।
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