दादी की मौत का बहाना बनाकर घूमने निकले पुलिस वाले पर गिरी गाज, नूंह में ASI निलंबित

हरियाणा के नूंह जिले में तैनात एक एएसआई ने दादी के निधन का झूठ बोलकर छुट्टी ली और परिवार संग यात्रा पर निकल गए, जिसके बाद उन पर विभागीय कार्रवाई की गई है।

झूठ पकड़े जाने पर पुलिस अधिकारी नपे

हरियाणा के नूंह जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले एक एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। तावडू सदर थाने में तैनात एएसआई अनिल कुमार पर आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी से बचने के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों को झूठ बोला और गुमराह किया। उन पर अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।

दादी के निधन का बनाया बहाना

घटना की शुरुआत 8 जून को हुई, जब एएसआई अनिल कुमार ने अपने थाना प्रभारी को सूचना दी कि उनकी दादी का निधन हो गया है। उन्होंने अपनी पारिवारिक स्थिति का हवाला देते हुए तत्काल घर जाने की अनुमति मांगी। थाना प्रभारी ने मानवीय आधार पर उन्हें छुट्टी दे दी, लेकिन साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि उन्हें अगले दिन शाम की रोल कॉल तक ड्यूटी पर वापस लौटना होगा। इसके अलावा, उन्हें यह भी सलाह दी गई थी कि यदि उन्हें लंबी छुट्टी की आवश्यकता है, तो वे सक्षम अधिकारी से अवकाश स्वीकृत करवाएं। हालांकि, एएसआई ने इन निर्देशों को दरकिनार कर दिया और समय पर थाने नहीं लौटे।

संपर्क से बाहर रहे एएसआई

ड्यूटी से गायब होने के बाद से ही एएसआई अनिल कुमार ने अधिकारियों के साथ संपर्क तोड़ लिया था। थाना प्रभारी ने उन्हें कई दिनों तक लगातार फोन किया, लेकिन उनका मोबाइल या तो बंद आता था या फिर वे कॉल रिसीव ही नहीं करते थे। अपनी गैरमौजूदगी के दौरान उन्होंने कोई भी सूचना विभाग को नहीं दी, जिससे पुलिस कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न हुई। आखिरकार 19 जून को वह लंबी अनुपस्थिति के बाद वापस ड्यूटी पर लौटे, लेकिन वहां भी उन्होंने झूठ का सहारा लेने का प्रयास किया।

फोटो ने खोला झूठ का राज

अपनी वापसी के बाद, जब एएसआई से ड्यूटी पर न आने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने खराब स्वास्थ्य का बहाना बनाया। हालांकि, विभागीय जांच में उनका यह दावा भी झूठा साबित हुआ। जांच के दौरान जब उनके मोबाइल फोन की डिजिटल सामग्री और तस्वीरों की पड़ताल की गई, तो यह स्पष्ट हो गया कि वह स्वास्थ्य खराब होने के कारण नहीं, बल्कि परिवार के साथ मौज-मस्ती और यात्रा पर गए हुए थे। इतना ही नहीं, यह तथ्य भी सामने आया कि जिस दादी के निधन की बात कहकर उन्होंने छुट्टी ली थी, वह उनकी वास्तविक दादी नहीं थीं। सोशल मीडिया पर की गई उनकी कुछ पोस्ट ने भी इस झूठ की पुष्टि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जांच के लिए बने अधिकारी

एसपी डॉ. अर्पित जैन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने एएसआई अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ नियमित विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नूंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपें।

पेंडिंग फाइलों का बोझ

जांच के दायरे में केवल उनकी छुट्टी ही नहीं, बल्कि उनके द्वारा किए जा रहे काम में लापरवाही भी शामिल है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि एएसआई के पास कई जांच फाइलें और शिकायतें लंबित पड़ी थीं। उनके बिना अनुमति ड्यूटी छोड़ने के कारण उन मामलों के निपटारे में अनावश्यक देरी हुई, जिससे विभाग की छवि खराब हुई। डीएसपी फिरोजपुर झिरका हरदीप ने स्पष्ट किया है कि नूंह पुलिस कप्तान डॉ. अर्पित जैन के सख्त निर्देश हैं कि ड्यूटी में कोताही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी, चाहे वह कोई भी कर्मचारी या अधिकारी हो।

https://hindi.news18.com/news/haryana/gurgaon-asi-anil-kumar-suspended-ordered-departmental-inquiry-local18-10608137.html