मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक और मौसम का मिजाज
मध्य प्रदेश में जून के महीने के शुरुआती दौर में भीषण गर्मी और उमस ने आम जनजीवन को खासा प्रभावित किया था, लेकिन महीने के अंतिम दिनों में मौसम ने करवट ले ली है। अब राज्य भर में मानसून के बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के अनुसार, 28 जून 2026 को मध्य प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम बेहद खुशनुमा रहने वाला है। ग्वालियर और चंबल संभाग के उत्तरी जिलों, जैसे भिंड, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी और दतिया को यदि छोड़ दिया जाए, तो पूरे प्रदेश में वर्षा की प्रबल संभावना जताई गई है। विशेष रूप से निमाड़, महाकौशल और अमरकंटक जैसे दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से लेकर तेज बारिश के आसार हैं।
43 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने आगामी 28 जून 2026 को ध्यान में रखते हुए राज्य के 43 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग की चेतावनी के मुताबिक, इन क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ तेज गरज-चमक की स्थिति भी बनी रहेगी। जिन जिलों में अलर्ट लागू किया गया है, उनमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच और गुना शामिल हैं। इसके अलावा अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, मैहर और पांढुर्णा जिले में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम वैज्ञानिकों ने इस बात की चेतावनी दी है कि प्रभावित जिलों में केवल बारिश ही नहीं, बल्कि मौसम काफी उग्र भी हो सकता है। अनुमान है कि इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चल सकती है। हवाओं की इस गति के कारण तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को लंबे समय से चली आ रही चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। दिन और रात के तापमान में आई यह कमी राज्य के निवासियों के लिए एक सुखद अनुभव लेकर आई है, जिससे जनजीवन में उत्साह का माहौल है।
मौसम विभाग की सुरक्षा संबंधी सलाह
तेज बारिश और अंधड़ की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि:
- गर्ज और चमक के दौरान खुले स्थानों पर न रहें और पक्के मकानों में शरण लें।
- तेज हवाओं के दौरान पुराने या कच्चे पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।
- बिजली के उपकरणों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
- खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से परहेज करें।
किसानों के लिए शुभ संकेत
मध्य प्रदेश की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए यह मानसून बारिश किसी अमृत से कम नहीं है। जून के अंत में हो रही यह बारिश खरीफ की फसलों के लिए अत्यधिक लाभकारी सिद्ध हो रही है। खासकर सोयाबीन, मक्का और धान जैसी फसलों की बुवाई के लिए यह नमी बेहद जरूरी मानी जा रही है। किसान इस वर्षा को लेकर काफी उत्साहित हैं, क्योंकि इससे उनकी कृषि संबंधी तैयारियों को एक नई गति मिलेगी।
मानसून के आगमन का संकेत
कुल मिलाकर, 28 जून का दिन मध्य प्रदेश के लिए खुशहाली और उम्मीदों की नई फुहारें लेकर आया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की मौजूदगी मानसून के सक्रिय होने का एक स्पष्ट संकेत है। जहां एक ओर यह बारिश गर्मी से राहत दिलाने का माध्यम बनी है, वहीं दूसरी ओर यह प्रदेश में मानसून के पूरी तरह स्थापित होने की प्रक्रिया को भी तेज कर रही है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को समय-समय पर अपडेट्स देता रहेगा।
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