बिना ऐप और महंगी फीस के छात्रों का भविष्य संवार रहे पूर्व डीएसपी, फोन पर देते हैं मुफ्त मेंटरशिप

पटना के डॉ. अखिलेश कुमार एक अनोखी पहल के जरिए देश-विदेश के छात्रों को फोन पर निशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। वे हर शाम 6 बजे से 9 बजे तक अपने फोन के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान करते हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल

आज के दौर में जब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एक महंगे उद्योग में तब्दील हो चुकी है और हर तरफ ऑनलाइन ऐप तथा बड़ी-बड़ी कोचिंग संस्थाओं का बोलबाला है, ऐसे में पटना के डॉ. अखिलेश कुमार एक अलग राह पर चल रहे हैं। वे किसी भी तरह के डिजिटल प्लेटफार्म या पेड कोर्स का सहारा लिए बिना पूरी तरह से निशुल्क छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। उनकी इस पहल की खासियत यह है कि वे इसके लिए न तो कोई शुल्क लेते हैं और न ही किसी विशेष तकनीक का उपयोग करते हैं। केवल एक सामान्य फोन कॉल के जरिए वे देशभर के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहे हैं।

पुलिस की सेवा से शिक्षा तक का सफर

डॉ. अखिलेश कुमार का करियर काफी प्रेरणादायक रहा है। वे पूर्व में पुलिस सेवा में डीएसपी के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हालांकि, शिक्षा के प्रति उनके लगाव ने उन्हें पुलिस की वर्दी छोड़कर अध्यापन के क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित किया। वर्तमान में वे पटना साइंस कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा देने का निर्णय लिया, तो उनका मुख्य उद्देश्य उन आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण परिवेश के छात्रों की मदद करना था, जो बेहतर मार्गदर्शन के अभाव में अपनी प्रतिभा का सही उपयोग नहीं कर पा रहे थे।

शाम 6 बजे से 9 बजे तक छात्रों के नाम

डॉ. अखिलेश की कार्यशैली बेहद अनुशासित है। वे दिनभर कॉलेज में अपना अध्यापन कार्य पूरा करने के बाद शाम का समय पूरी तरह से छात्रों के लिए समर्पित करते हैं। हर रोज शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक उनके फोन की घंटी लगातार बजती रहती है। इस दौरान वे देशभर के अलग-अलग कोनों से फोन करने वाले अभ्यर्थियों से बात करते हैं। वे न केवल पढ़ाई से जुड़े उनके सवालों का जवाब देते हैं, बल्कि उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए जरूरी रणनीतियां भी समझाते हैं।

निशुल्क शिक्षा का संकल्प

इस पूरी व्यवस्था के पीछे डॉ. अखिलेश का एक ही विजन है कि शिक्षा पर हर वर्ग का समान अधिकार होना चाहिए। उन्होंने इस पहल को कभी भी व्यवसाय नहीं बनाया। यही कारण है कि न तो उन्होंने कोई ऑनलाइन ऐप विकसित किया और न ही किसी पेड कोर्स की शुरुआत की। वे सीधे मोबाइल कॉल और जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉल के माध्यम से छात्रों से जुड़ते हैं। इस प्रक्रिया में उन्हें किसी स्टाफ या कार्यालय की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे यह व्यवस्था पूरी तरह से बिना किसी खर्च के संचालित होती है। वे खुद ही सभी छात्रों का प्रबंधन करते हैं और उन्हें व्यक्तिगत रूप से गाइड करते हैं।

रणनीति से लेकर अध्ययन सामग्री तक का मार्गदर्शन

छात्रों के मन में उठने वाले हर छोटे-बड़े सवाल का वे धैर्यपूर्वक जवाब देते हैं। चाहे वह किताबों के चयन का सवाल हो, समय सारिणी बनाने की बात हो या फिर किसी कठिन टॉपिक को समझने की उलझन, डॉ. अखिलेश हर समस्या का समाधान फोन पर ही प्रदान कर देते हैं। वे विद्यार्थियों को तैयार नोट्स देने के बजाय उन्हें सही किताबें खोजने और अध्ययन सामग्री का तुलनात्मक विश्लेषण करने के लिए प्रेरित करते हैं। वे छात्रों को एक विषय के लिए अलग-अलग स्रोत उपलब्ध कराते हैं ताकि विद्यार्थी खुद तुलना करके सबसे सटीक सामग्री का चुनाव कर सकें। इससे छात्रों की तार्किक क्षमता का भी विकास होता है।

बीपीएससी में मिली सफलता

डॉ. अखिलेश के मार्गदर्शन का परिणाम भी सामने आ रहा है। हाल ही में संपन्न हुई बीपीएससी की परीक्षा में ऐसे 27 छात्र सफल हुए हैं, जिन्होंने नियमित रूप से उनके साथ फोन पर मेंटरशिप ली थी। सफलता प्राप्त करने के बाद कई विद्यार्थी उनसे मिलने भी पहुंचे। हालांकि, डॉ. अखिलेश का विनम्रतापूर्वक मानना है कि यह सफलता पूरी तरह से उन छात्रों की कड़ी मेहनत का ही नतीजा है, और वे केवल एक माध्यम के रूप में उन्हें सही रास्ता दिखाने का कार्य कर रहे हैं।

देश-विदेश से जुड़ते हैं छात्र

उनकी इस अनोखी मेंटरशिप का दायरा केवल बिहार या भारत तक सीमित नहीं है। विदेशों में रह रहे छात्र, जो भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, वे भी उनसे फोन पर संपर्क करते हैं। खासकर बिहार में होने वाली प्रोफेसर बहाली जैसी परीक्षाओं के संबंध में विदेशों से भी बड़ी संख्या में कॉल आते हैं। हिंदी भाषी राज्यों के हजारों अभ्यर्थी रोज शाम को अपनी समस्याओं को लेकर उनसे जुड़ते हैं। उनके परिवार के सदस्य भी इस पुनीत कार्य में पूरा सहयोग देते हैं और इस दौरान उनकी जरूरतों का विशेष ख्याल रखते हैं।

कौन हैं डॉ. अखिलेश कुमार?

डॉ. अखिलेश कुमार का शैक्षणिक आधार काफी मजबूत रहा है। बायोलॉजिकल साइंस में शिक्षा प्राप्त करने वाले डॉ. अखिलेश ने आईआईटी गेट के साथ-साथ नेट-जेआरएफ जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं भी उत्तीर्ण की हैं। बीपीएससी परीक्षा में उन्होंने 9वीं रैंक हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया था। पुलिस सेवा में रहते हुए उन्होंने सुपौल, किशनगंज और रेल डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। किशनगंज में एसडीपीओ रहने के दौरान नवंबर 2019 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा। वे बिहार पुलिस में रहने से पहले भी नीट के छात्रों को तैयारी कराने का अनुभव रखते थे।

संपर्क कैसे करें?

जो भी छात्र उनके मार्गदर्शन का लाभ उठाना चाहते हैं, वे उनके मोबाइल नंबर 6206692145 पर संपर्क कर सकते हैं। कॉल करने का समय शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच तय किया गया है। डॉ. अखिलेश का कहना है कि वे इस अभियान को भविष्य में और भी व्यापक बनाने के लिए प्रयासरत हैं, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पहुंच सके।

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