जबलपुर के रांझी में जल संकट से राहत की उम्मीद, खुदाई में मिली पुरानी नहर

जबलपुर के रांझी इलाके में पानी की भारी किल्लत के बीच परियट जलाशय के पास खुदाई करने से एक पुरानी नहर मिली है, जिससे जलापूर्ति में सुधार की संभावना बनी है।

रांझी में जल संकट का समाधान खोजने की कवायद

जबलपुर जिले का रांझी क्षेत्र पिछले काफी समय से गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। भीषण गर्मी के मौसम में स्थानीय निवासी पानी की एक एक बूंद के लिए परेशान हो रहे थे, लेकिन अब प्रशासन द्वारा की गई एक नई पहल से बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। परियट जलाशय के पिछले हिस्से में मशीनों के जरिए की गई खुदाई से एक पुरानी नहर का मार्ग निकल आया है, जो स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस नहर के पुनर्जीवित होने से अब रांझी स्थित जल शोधन संयंत्र तक पानी की पहुंच फिर से सुनिश्चित हो सकेगी।

पानी की आपूर्ति में पांच गुना बढ़ोतरी

इस नई व्यवस्था के शुरू होने के बाद रांझी जल शोधन संयंत्र को अब हर रोज 10 MLD पानी मिलने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि जल संकट के चरम पर होने के दौरान संयंत्र को मिलने वाली पानी की आवक घटकर महज 2 MLD रह गई थी। यद्यपि इस जल शोधन संयंत्र की कुल क्षमता 54 MLD की है, लेकिन पानी की आवक में हुई यह पांच गुना वृद्धि स्थानीय लोगों के लिए राहत का बड़ा कारण बनी है।

प्रशासन का युद्धस्तर पर कार्य

क्षेत्रीय पार्षद और एमआईसी सदस्य दामोदर सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि रांझी के निवासियों की समस्याओं को देखते हुए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलाशय के पास खुदाई का कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया ताकि नहर के माध्यम से पानी की आवक को फिर से बहाल किया जा सके। दामोदर सोनी ने स्थानीय नागरिकों से इस कठिन परिस्थिति में संयम बनाए रखने का अनुरोध किया है। वर्तमान में जलापूर्ति की समस्या को कम करने के लिए पूरे इलाके में करीब 35 टैंकरों को काम पर लगाया गया है। ये टैंकर दिन भर में कई फेरे लगाकर घर-घर तक पानी पहुंचाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश में जुटा है कि किसी भी परिवार को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पानी के खातिर दर-दर भटकना न पड़े।

20 दिनों से बदहाल है स्थिति

रांझी में जल संकट का यह दौर पिछले 20 दिनों से लगातार गहराता जा रहा था। परियट जलाशय का जलस्तर लगातार नीचे जाने के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालात इतने विकट हो गए थे कि कई इलाकों में जैसे ही पानी के टैंकर पहुंचते, वहां लोगों के बीच अफरा-तफरी मच जाती थी। पानी हासिल करने की इस होड़ में कई बार मारपीट और पानी के डिब्बे चोरी होने जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं भी सामने आई हैं। पानी की किल्लत ने आम लोगों के दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई लोग समय पर दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे हैं और घरों में खाना बनाने तक के लिए पानी की भारी कमी महसूस की जा रही है।

मानसून पर टिकी सभी की निगाहें

फिलहाल 10 MLD पानी की उपलब्धता से रांझी वासियों को फौरी राहत जरूर मिली है, लेकिन अधिकारियों और जनता की नजरें अब आगामी मानसून पर टिकी हैं। यदि मानसून में देरी होती है तो आने वाले समय में जल संकट की चुनौतियां और भी अधिक विकराल हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि जब तक क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति का कार्य जारी रहेगा। साथ ही, किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए व्यवस्था की कड़ी निगरानी की जा रही है।

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