असली काले चावल की पहचान कैसे करें
आज के दौर में खानपान की चीजों में मिलावट एक गंभीर समस्या बन गई है। बाजार में दूध से लेकर मसालों तक हर चीज में मिलावट की खबरें आती रहती हैं, लेकिन अब मिलावट का यह दायरा अनाज तक भी पहुँच चुका है। हाल ही में असम से एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हुआ था, जिसमें यह दावा किया गया कि बाजार में बिकने वाले कुछ काले चावल पर कृत्रिम रंग लगाया गया है। इस वीडियो को देखने के बाद से ही उपभोक्ता अपनी सेहत को लेकर चिंतित हैं।
क्यों जरूरी है मिलावट की पहचान करना
काले चावल यानी ब्लैक राइस को स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अगर यही चावल मिलावटी रंगों से रंगे हों तो वे फायदे के बजाय नुकसान पहुँचा सकते हैं। वीडियो में दिखाया गया था कि जब चावल को पानी में धोया जाता है, तो उसमें से काला रंग छूटकर बाहर निकलने लगता है। यह स्थिति उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा संकेत है कि वे सावधान हो जाएं। हालांकि, किसी भी चावल के असली या नकली होने की शत प्रतिशत पुष्टि लैब टेस्ट से ही हो सकती है, लेकिन कुछ घरेलू उपाय अपनाकर आप प्राथमिक स्तर पर इसकी जांच जरूर कर सकते हैं।
असली-नकली ब्लैक राइस पहचानने के घरेलू तरीके
यदि आप काले चावल घर लाते हैं, तो उनकी शुद्धता परखने के लिए नीचे दिए गए तरीकों का इस्तेमाल करें:
- पानी में भिगोने का तरीका: थोड़े से काले चावल को एक बर्तन में पानी भरकर 15 मिनट के लिए भिगो दें। यदि पानी का रंग काला या गहरा बैंगनी हो जाए, तो समझ लें कि इस पर कृत्रिम रंग लगाया गया है। प्राकृतिक एंथोसायनिन पिगमेंट इतनी तेजी से पानी को गहरा नहीं करता है।
- गीले कपड़े से टेस्ट: एक सफेद रंग का सूती कपड़ा लें और उसे थोड़ा गीला कर लें। अब उस पर कुछ दाने काले चावल के रखें और उन्हें कपड़े पर रगड़ें। यदि कपड़े पर रंग उतरने लगे, तो तुरंत समझ लें कि चावल नकली हैं।
- हथेली पर रगड़ना: कुछ दानों को अपनी हथेली पर रखें और उन्हें आपस में रगड़ें। यदि आपकी हथेलियों पर काला रंग लगने लगे, तो इसका मतलब है कि चावलों पर ऊपरी तौर पर रंग चढ़ाया गया है। असली काले चावल का रंग प्राकृतिक होता है और यह इतनी आसानी से नहीं निकलता।
- दाने तोड़कर देखें: काले चावल के कुछ दानों को बीच से तोड़कर देखें। अगर चावल का बाहरी हिस्सा काला है लेकिन अंदर से सफेद दिखाई दे रहा है, तो ये असली होने की संभावना है।
- पकाने के बाद की जांच: असली काले चावल पकने के बाद भी थोड़े बैंगनी रंग के हो सकते हैं क्योंकि इसमें प्राकृतिक एंथोसायनिन रिलीज होते हैं। हालांकि, नकली रंग वाले चावल पकने पर अपना कृत्रिम रंग पूरी तरह छोड़ देते हैं।
चावल खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
बाजार से सामान खरीदते समय सावधानी बरतना ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। हमेशा इन बातों पर गौर करें:
- हमेशा भरोसेमंद और विश्वसनीय विक्रेता से ही अनाज खरीदें।
- किसी नामी और अच्छे ब्रांड के पैक किए हुए चावल को ही प्राथमिकता दें।
- खरीदने से पहले पैकेट पर दिए गए गुणवत्ता प्रमाणन और लेबल को ध्यान से पढ़ें।
- अगर काले चावल बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर मिल रहे हों, तो सतर्क हो जाएं। सस्ता माल अक्सर मिलावटी हो सकता है।
कृत्रिम रंग से स्वास्थ्य को होने वाले खतरे
यदि काले चावल पर असुरक्षित रसायनों या कृत्रिम रंगों का उपयोग किया गया है, तो ये सीधे आपकी सेहत को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इनका सेवन करने से पेट खराब हो सकता है, मतली आ सकती है और एलर्जी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। साथ ही, इनके कारण पेट में तेज दर्द और ऐंठन की समस्या भी हो सकती है। इसलिए, यदि आपको चावल धोते समय रंग निकलते हुए दिखाई दे, तो उनका सेवन कतई न करें।
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