ऐतिहासिक उलटफेर का गवाह बना बेलफास्ट
क्रिकेट के खेल में अक्सर रणनीति और समझदारी बल्ले की ताकत पर भारी पड़ जाती है। 26 जून 2026 की रात बेलफास्ट के स्टॉर्मोंट सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब मैदान पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। टी-20 क्रिकेट में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन रही भारतीय टीम का सामना जब आयरलैंड से हुआ, तो किसी को भी ऐसी शर्मनाक हार की उम्मीद नहीं थी। आयरलैंड ने भारत को 34 रन से हराकर क्रिकेट इतिहास में पहली बार जीत का स्वाद चखा है। इस हार के साथ ही भारत का बीते ढाई साल से चला आ रहा विजय रथ पूरी तरह से थम गया है।
पिच की समझ में मात खा गई टीम इंडिया
बेलफास्ट की पिच धीमी थी और मैदान की स्क्वायर बाउंड्री काफी बड़ी थी। क्रिकेट केवल तेजी से रन बनाने का खेल नहीं है, बल्कि यह पिच के व्यवहार को समझने और सही शॉट सिलेक्शन का नाम है। भारतीय बल्लेबाजों ने पिच की इस नजाकत को नजरअंदाज किया और वही गलती दोहराते रहे जो मैच का परिणाम तय कर गई। आंकड़े बताते हैं कि आयरलैंड ने वी शेप (मैदान के सामने की दिशा) में भारतीय टीम की तुलना में 23 रन ज्यादा बनाए। भारतीय टीम ने पिच के मिजाज को समझने में भूल की, जबकि आयरलैंड ने सामने की छोटी बाउंड्री का सही इस्तेमाल किया।
स्क्वायर शॉट का जाल और भारतीय बल्लेबाजी का बंटाधार
पूरे मुकाबले के दौरान भारतीय बल्लेबाजों के विकेट गिरते रहे और उसका मुख्य कारण स्क्वायर ऑफ द विकेट शॉट खेलने की कोशिश थी। टीम इंडिया के ज्यादातर बल्लेबाज डीप प्वाइंट, डीप स्क्वैयर लेग और डीप मिडविकेट के इलाके में कैच थमा बैठे। गेंदबाजी की बात करें तो भारत ने शुरुआत तो काफी मजबूत की थी और 30 रन के स्कोर पर आयरलैंड के 3 विकेट झटक लिए थे। हालांकि, बाद में भारतीय गेंदबाज अपनी लय भटक गए। गेंदबाजों ने फुलर लेंथ पर गेंद डालने की गलती की, जिसका फायदा आयरलैंड के बल्लेबाजों ने सामने की तरफ शॉट खेलकर उठाया।
दूसरी ओर, आयरलैंड के गेंदबाजों ने बहुत ही सधी हुई रणनीति अपनाई। उन्होंने लगातार शॉर्ट ऑफ गुड लेंथ एरिया पर गेंद डाली और बल्लेबाजों के शरीर से दूर रखा। इससे भारतीय बल्लेबाज साइड की तरफ शॉट खेलने के लिए मजबूर होते रहे और बाउंड्री पर तैनात फील्डरों के हाथों में गेंद सीधे जाकर गिरी।
मैच का लेखा-जोखा
टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था। आयरलैंड की शुरुआत खराब रही थी लेकिन वे अंत तक संभल गए और निर्धारित ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 182 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा कर दिया। भारत की तरफ से हर्षित राणा सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा पूरी तरह से बेअसर रहे और बिना किसी विकेट के 57 रन लुटा दिए।
जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 18.5 ओवर में महज 148 रन पर ढेर हो गई। हालांकि अभिषेक शर्मा ने तेज तर्रार पारी खेलते हुए 20 गेंद में 50 रन बनाए, लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई। टीम इंडिया का कोई भी अन्य बल्लेबाज क्रीज पर ज्यादा देर तक टिकने का साहस नहीं दिखा सका और नतीजा भारत की अप्रत्याशित हार के रूप में सामने आया।
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