अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई
अयोध्या में राम मंदिर को मिले चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच एजेंसियां बेहद सक्रिय हो गई हैं। इस गंभीर प्रकरण में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने सभी 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को इन सभी आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सोमवार तक ये सभी आरोपी जेल में रहेंगे। पुलिस अब सोमवार को अदालत में पेशी के दौरान इन आरोपियों की रिमांड की मांग करेगी ताकि मामले की तह तक जाकर सच्चाई का पता लगाया जा सके।
जेल भेजे गए आरोपियों के नाम
कानून की पकड़ में आए आरोपियों की पहचान टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव और रमाशंकर मिश्रा के रूप में हुई है। इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। यह पूरी कार्रवाई एसआईटी द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
दर्ज की गई कानूनी धाराएं और सजा का प्रावधान
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई कठोर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इन धाराओं के तहत सजा का प्रावधान इस प्रकार है:
- BNS 305 (पूजा स्थल में चोरी): इसमें 7 साल तक की जेल हो सकती है।
- BNS 306 (कर्मचारी या सेवादार द्वारा चोरी): इसके तहत भी 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।
- BNS 316(5) (आपराधिक विश्वासघात): इसमें दोषी को उम्रकैद या 10 साल तक की कैद हो सकती है।
- BNS 317 (लगातार या बार-बार चोरी करना): इस धारा में उम्रकैद या 10 साल तक की सजा का नियम है।
- BNS 61 (आपराधिक साजिश रचना): इसके तहत 7 साल तक की सजा तय है।
- BNS 3(5) (सामूहिक रूप से अपराध करना): इस धारा के तहत समूह में शामिल सभी व्यक्तियों को एक समान सजा दी जाती है।
एसआईटी की जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
एसआईटी की विस्तृत जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। अधिकारियों ने 27 अप्रैल से लेकर 5 जून तक के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया। इस दौरान सिर्फ 39 दिनों के फुटेज में ही 70 बार चढ़ावा चोरी की घटनाएं कैद हुई हैं। यह उन जगहों का आंकड़ा है जहां कैमरे लगे हुए थे। एसआईटी ने यह भी माना है कि मंदिर परिसर के कई हिस्सों में सीसीटीवी कवरेज पर्याप्त नहीं था, जिसके चलते चोरी का वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है। इसके अतिरिक्त, कैश की गिनती करने वाले दस्तावेजों में भी बड़ी धांधली और प्रबंधन में भारी खामियां मिली हैं। ऑडिट रिपोर्ट में भी गड़बड़ी पाई गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में जांच का दायरा बढ़ सकता है और कई अन्य लोगों पर भी गाज गिर सकती है। वर्तमान में कुल 10 लोग इस मामले में कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि संदिग्धों की सूची 80 तक पहुंच सकती है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों के इस्तीफे
चढ़ावा चोरी के इस विवादित मामले का असर ट्रस्ट के शीर्ष स्तर तक पहुंचा है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी पद छोड़ने का निर्णय लिया है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने इन दोनों पदाधिकारियों से भी पूछताछ की थी। नैतिक जिम्मेदारी का हवाला देते हुए चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफा सौंपा है।
https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/ram-mandir-offering-donation-theft-case-8-accused-sent-judicial-custody-know-sections-and-penal-provisions-of-this-case-2026-06-26-1227573