वैष्णो देवी यात्रा के लिए सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार, कटरा से भवन तक 24 घंटे निगरानी के सख्त निर्देश

श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसमें कटरा से भवन तक कड़ी निगरानी और होटल-लॉज में रहने वाले यात्रियों के वेरिफिकेशन पर जोर दिया गया है।

सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

श्री माता वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा को निर्बाध और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। इसी दिशा में उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी शिव कुमार शर्मा ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय संयुक्त सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों की संख्या में होने वाली संभावित वृद्धि के बीच कटरा से लेकर भवन तक की सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशनल तैयारियों का गहन विश्लेषण करना था। बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रहे।

बैठक में शामिल प्रमुख सुरक्षा एजेंसियां

इस सुरक्षा समीक्षा बैठक में रियासी के एसएसपी और कटरा के एसपी के साथ-साथ कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में एसडीपीओ कटरा, डिप्टी सीएपी भवन के अधिकारियों के अलावा भारतीय सेना, सीआरपीएफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीआईडी, रेलवे पुलिस और ट्रैफिक विभाग के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके साथ ही श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रतिनिधियों ने भी इस सुरक्षा रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सुरक्षा ग्रिड और निगरानी तंत्र

बैठक के दौरान रियासी के एसएसपी ने कटरा शहर, यात्रा के पूरे मार्ग और पवित्र मंदिर परिसर की सुरक्षा ग्रिड का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। इसमें सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी, यात्रा के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की तत्परता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। डीआईजी ने विशेष रूप से कटरा से भवन तक के पहाड़ी रास्तों, ऊंची चोटियों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रणनीतिक स्थानों पर जवानों की तैनाती और कड़ी निगरानी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है ताकि क्षेत्र पर प्रभावी नियंत्रण बना रहे।

24 घंटे सक्रिय गश्त और सघन जांच

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि कटरा से भवन तक के पूरे मार्ग पर सुरक्षा घेरा मजबूत रखा जाए। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:

  • जगह-जगह रैंडम चेकपॉइंट बनाकर वाहनों की सघन जांच की जाएगी।
  • जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप से चौबीसों घंटे लंबी दूरी की गश्त और पैदल गश्त बढ़ाई जाएगी।
  • क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा।
  • विलेज डिफेंस गार्ड्स को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा ताकि संवेदनशील क्षेत्रों पर निरंतर नजर रखी जा सके।

होटलों और ठहरने के स्थानों का वेरिफिकेशन

सुरक्षा के लिहाज से तीर्थयात्रियों के ठहरने वाली जगहों पर भी प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कटरा के सभी होटलों, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे और अन्य व्यावसायिक ठहरने की सुविधाओं का नियमित विधिक निरीक्षण किया जाए। वहां रुकने वाले प्रत्येक व्यक्ति का गहन वेरिफिकेशन करना अनिवार्य होगा। यह कदम किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए उठाया गया है।

भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियां

यात्रा के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखने और भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं। डीआईजी ने सभी संबंधित एजेंसियों से कहा है कि यात्रा मार्ग पर यात्रियों की बिना किसी बाधा के आवाजाही के लिए पर्याप्त मैनपावर की तैनाती सुनिश्चित करें। इसके अलावा आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें, कम्युनिकेशन सिस्टम और मेडिकल सहायता जैसी सुविधाएं हर समय तैयार रहनी चाहिए। डीआईजी ने एजेंसियों के बीच रीयल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग और तेजी से कार्रवाई करने वाले सिस्टम के महत्व को रेखांकित किया ताकि किसी भी नई सुरक्षा चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। बैठक का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि सभी एजेंसियां श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करेंगी।

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