सड़कों के विस्तार से बदलेगी सागर की तस्वीर
किसी भी क्षेत्र के विकास में वहां की बेहतर कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बुंदेलखंड के केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले सागर जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिले से गुजरने वाले चार नेशनल हाईवे और चार स्टेट हाईवे के नेटवर्क को विस्तार देने के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान ग्रामीण इलाकों को इन मुख्य सड़कों से जोड़ने पर है। इसी कड़ी में अब एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को लोक निर्माण विभाग ने अपने इस वर्ष के बजट में शामिल किया है, जिससे जिले के दूरस्थ गांवों के निवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
25 किलोमीटर लंबी सड़क और 60 करोड़ का निवेश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे-44 से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पथरिया जाट से लेकर सागर-जबलपुर स्टेट हाईवे पर मौजूद सानोदा तक एक नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लंबाई 25 किलोमीटर निर्धारित की गई है। लोक निर्माण विभाग ने इस टू-लेन सड़क के निर्माण के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव तैयार किया है। यह सड़क न केवल ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ेगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापारिक और आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।
किन गांवों को होगा सीधा फायदा
इस सड़क मार्ग के निर्माण से लगभग 25 बड़े और छोटे गांवों के हजारों निवासियों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। परियोजना में पथरिया, सिरोंजा, बड़तुमा, पामाखेड़ी, साइखेड़ा, रिछावर, लिधौरा खुर्द और डुंगसरा जैसे प्रमुख गांव शामिल हैं। लिधौरा खुर्द में रेलवे का माल गोदाम स्थित होने के कारण यहां भारी वाहनों की आवाजाही हमेशा बनी रहती है। वर्तमान में सिंगल पट्टी वाली सड़क के कारण इन भारी वाहनों के गुजरने से अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है। नई सड़क के बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सड़क हादसों में भी कमी आएगी, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
सफर में 10 किलोमीटर की कमी और ईंधन की बचत
इस सड़क के निर्माण का सबसे बड़ा लाभ वाहन चालकों को सफर की दूरी कम होने के रूप में मिलेगा। अभी तक दमोह-जबलपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को मकरोनिया चौराहा से होकर जाना पड़ता था, जो एक लंबा चक्कर साबित होता है। इस नई सड़क के तैयार होने के बाद, वाहन चालक सीधे पथरिया जाट से लिधौरा खुर्द होते हुए सानौधा पहुंच सकेंगे। इससे वाहन चालकों को करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। यह समय और ईंधन की बचत के साथ-साथ यात्रा को अधिक आरामदायक बनाएगा। सड़क को डामर से बनाया जाएगा और टू-लेन होने के कारण यातायात का प्रवाह काफी सुगम हो जाएगा।
परियोजना की तकनीकी और रणनीतिक स्थिति
इस प्रस्तावित मार्ग पर भारतीय खाद्य निगम (FCI) का गोदाम भी स्थित है, जिसके पास की सड़क वर्तमान में काफी जर्जर स्थिति में है। लोक निर्माण विभाग ने इस जर्जर हिस्से को भी नई परियोजना में शामिल कर एक सुव्यवस्थित मार्ग बनाने की कार्ययोजना बनाई है। वर्तमान में मकरोनिया चौराहा से बम्होरी तिराहा के बीच पुराने नेशनल हाईवे पर यातायात का काफी दबाव रहता है। बड़तूमा के आगे पथरिया जाट से सिरोंजा को जोड़ने वाली यह सड़क जब सानौधा से जुड़ जाएगी, तो यह एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग बन जाएगा। इसके अलावा, इस सड़क नेटवर्क का जुड़ाव विश्वविद्यालय पहाड़ी के पास से बम्होरी तिराहा और नए आरटीओ कार्यालय राजघाट से भी हो रहा है, जिससे सागर के बाहरी इलाकों की कनेक्टिविटी पूरी तरह बदल जाएगी। इस पूरे प्रस्ताव को जल्द ही शासन स्तर पर भेजा जाएगा ताकि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके।
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