राजस्थान प्रसूता मौत मामला: ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पर एक्शन, जैक्सन लैबोरेट्रीज़ का लाइसेंस रद्द

राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के मामले के बाद केंद्र सरकार ने जैक्सन लैबोरेट्रीज़ की विनिर्माण इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच में दवाओं की गुणवत्ता और मानकों में भारी खामियां पाई गई हैं।

कार्रवाई की बड़ी वजह

केंद्र सरकार ने एक कड़ा फैसला लेते हुए जैक्सन लैबोरेट्रीज़ की पंजाब और हिमाचल प्रदेश स्थित निर्माण इकाइयों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। यह निर्णय राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के दुखद मामले के बाद लिया गया है, जहां ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर संदेह खड़े हुए थे।

जांच में क्या सामने आया

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी CDSCO और राज्य स्तर के ड्रग रेगुलेटर्स ने एक संयुक्त जांच की। जांच के दौरान यह पाया गया कि दवा बनाने की प्रक्रिया में GMP यानी गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस के मानकों का पालन नहीं किया गया था। जांच टीम को निर्माण इकाइयों में कई गंभीर खामियां मिली हैं, जिसके आधार पर ही सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।

आगे क्या होगा

राजस्थान में घटित इस पूरी घटना की जांच को अब और तेज कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में राजस्थान प्रशासन से एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है ताकि मौतों के सही कारणों का पता लगाया जा सके। सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जन स्वास्थ्य से जुड़ी दवाओं की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। फिलहाल इस मामले की जांच प्रक्रिया अभी जारी है और आने वाले समय में कुछ और कड़े कदम उठाए जाने की संभावना है।

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