भोपाल: समलैंगिक संबंध से इनकार पर युवक की हत्या, मोबाइल लोकेशन से एक महीने बाद खुला खौफनाक राज

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी ने एक युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी थी, जिसका पर्दाफाश मृतक के चोरी हुए मोबाइल फोन की लोकेशन से हुआ।

हत्या की गुत्थी और पुलिस की कार्रवाई

भोपाल में एक महीने से अनसुलझे ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मिसरोद थाना क्षेत्र के तहत इकोलॉजिकल पार्क और झागरिया हाईवे के पास 29 मई को एक युवक का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने जब शव की जांच की, तो वह करीब 5 दिन पुराना पाया गया। मृतक की पहचान मंडीदीप के रहने वाले राजेश के रूप में की गई थी। हत्या के बाद से ही घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन गायब था, जिसे पुलिस ने अपनी जांच का मुख्य आधार बनाया। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल ट्रैकिंग की मदद से पुलिस आखिरकार आरोपी अजय मायना तक पहुंचने में सफल रही।

मोबाइल लोकेशन ने कैसे पकड़ाया कातिल

पुलिस ने हत्याकांड की जांच के लिए मृतक के मोबाइल की IMEI नंबर को ट्रैक करना शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि वह मोबाइल फोन वर्तमान में दीपक नाम के एक व्यक्ति के पास है। पुलिस ने जब दीपक से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने खुलासा किया कि उसने यह मोबाइल फोन अजय मायना नामक व्यक्ति से खरीदा था। इसके बाद पुलिस ने अजय मायना को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान में आरोपी 5 दिन की पुलिस रिमांड पर है, जहां उससे और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना की रात क्या हुआ था

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने उस खौफनाक रात की पूरी कहानी बयां की है। आरोपी अजय 29 मई को न्यू मार्केट और VIP रोड के आसपास घूम रहा था। वहां से अपने घर मिसरोद लौटते समय उसकी मुलाकात राजेश से हुई। आरोपी ने राजेश को पहले शराब पिलाई और खाना खिलाने का झांसा देकर उसे अपने साथ ले गया। इसके बाद आरोपी राजेश को एक सुनसान इलाके में ले गया। वहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने राजेश के साथ समलैंगिक संबंध बनाने का प्रयास किया, जिसका मृतक ने पुरजोर विरोध किया। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर आरोपी ने पत्थर से राजेश पर घातक हमला कर दिया। इस हमले में राजेश की मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात के बाद आरोपी की हरकतें

राजेश की हत्या करने के बाद आरोपी ने उसका मोबाइल फोन चोरी कर लिया और मौके से फरार हो गया। साक्ष्यों को मिटाने के इरादे से उसने मृतक का फोन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया था। हालांकि, आरोपी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि एक मोबाइल फोन की तकनीकी लोकेशन उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा देगी। पुलिस ने बताया कि इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में मोबाइल ट्रैकिंग और तकनीकी जांच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अजय मायना का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इससे पूर्व भी वह एक मामले में जेल की सजा काट चुका है। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, मिसरोद थाने में दर्ज एक पुराने प्रकरण में उसे पहले सजा हो चुकी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि क्या इस हत्याकांड में कोई और भी शामिल था या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। इस खुलासे के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के सही इस्तेमाल से ही इस तरह के जटिल मामलों को हल करना संभव हो पाया है।

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