भोपाल में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 26 जून को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का आरंभ मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा करके उनका गरिमामयी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने 96 वर्षीय लक्ष्मी नारायण पाटीदार और 95 वर्षीय शांति लाल संघवी के साथ ही पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का भी विशेष अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जो आपातकाल के काले दौर पर आधारित थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें सबसे प्रमुख लोकतंत्र सेनानियों के लिए स्पेशल ट्रेन से तीर्थाटन की सुविधा शामिल है।
लोकतंत्र सेनानियों को दिया संघर्ष का श्रेय
संबोधन के दौरान डॉ मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश की विकास यात्रा को बाधित करने का काम किया है। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पूरी तरह नष्ट होने के बावजूद जापान ने किस तरह तरक्की की, जबकि भारत के पास विकास के असीमित अवसर थे। उन्होंने इंदिरा गांधी की चौथी पीढ़ी पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और नीतियां आज भी नहीं बदली हैं। आपातकाल के उस चुनौतीपूर्ण समय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में घर के मुखिया को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के जेल में डाल दिया जाता था। न कोई अपील थी, न दलील और न ही वकील की गुंजाइश। परिवारों को यह तक नहीं पता होता था कि उनके अपने कहां हैं। मीसाबंदियों पर कांग्रेस में शामिल होने और इंदिरा गांधी की प्रशंसा करने का दबाव बनाया जाता था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष आजादी की पहली लड़ाई जैसा ही है। उन्हीं के त्याग की वजह से आज देश में लोकतंत्र सुरक्षित है और एक साधारण परिवार से निकला व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना देख सकता है।
कांग्रेस पर संविधान के दुरुपयोग का आरोप
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज भारत प्रगति की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि पड़ोसी देश पाकिस्तान में लोकतंत्र की स्थिति दयनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता संविधान का नाम तो लेते हैं, लेकिन इसी दल ने संविधान का सबसे अधिक दुरुपयोग किया है। उनकी पांच पीढ़ियों ने सत्ता के लिए संविधान के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस को लंबे समय तक शासन करने का मौका मिला, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मात्र 10-12 वर्षों का कार्यकाल मिला है, जिसमें उन्होंने देश की दिशा बदल दी। वर्ष 2024 संघ का शताब्दी वर्ष है और उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का हिस्सा होने पर गर्व है। यह परिवार हमेशा देश की कठिन परिस्थितियों में चट्टान की तरह खड़ा रहा है।
आपातकाल के 51 वर्ष: मीसाबंदियों की पीड़ा
लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि यह सम्मेलन 1975 से 1977 के बीच जेल में रहे मीसाबंदियों के सम्मान के लिए है। पिछले 10 वर्षों से मध्यप्रदेश में यह सम्मान की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने गौरवान्वित होकर कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है कि आज एक मीसाबंदी का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है। राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया कि आज आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और लोकतंत्र सेनानियों का मिलना एक नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है। वहीं, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लोकतंत्र सेनानियों को 30 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि इस राशि को आयकर मुक्त किया जाना चाहिए और सभी लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान दर्जा मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएं
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और सुविधा के लिए निम्नलिखित घोषणाएं कीं:
- लोकतंत्र सेनानियों को तीर्थ स्थलों की यात्रा कराने के लिए सरकार एक स्पेशल ट्रेन चलाएगी।
- प्रदेश भर के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में लोकतंत्र सेनानी 2 दिन तक निशुल्क ठहर सकेंगे।
- दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में उनके गांव या कस्बों में शिलालेख लगवाए जाएंगे।
- स्थानीय स्तर पर पार्क, प्रमुख मार्गों और खेल के मैदानों का नाम लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर रखा जाएगा।
- उनके निशुल्क इलाज के साथ ही एयर एंबुलेंस की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
- जो सेनानी अब तक ताम्रपत्र पाने से वंचित रहे हैं, उन्हें जल्द ही ताम्रपत्र प्रदान किए जाएंगे।
- मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि लोकतंत्र सेनानियों के बहुमूल्य सुझावों को प्रदेश के विकास के लिए अमल में लाया जाएगा।
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