राजस्थान: तबादलों से बैन हटा तो मंत्रियों के बंगलों पर उमड़ी भीड़, फरियादियों की लंबी कतारें

राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर से प्रतिबंध हटने के बाद राजधानी जयपुर में मंत्रियों के आवास पर लोगों का तांता लग गया है। कर्मचारी अपनी मनचाही पोस्टिंग के लिए सिफारिसें लेकर पहुंच रहे हैं और सरकार ने इसके लिए खास प्राथमिकताएं भी तय की हैं।

तबादलों की घोषणा के साथ ही सक्रिय हुए कर्मचारी

राजस्थान में भजनलाल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाकर एक बड़ी राहत दी है। जैसे ही यह खबर सामने आई, राजधानी जयपुर में राजनीतिक गलियारों और मंत्रियों के सरकारी आवासों पर चहल-पहल अचानक बढ़ गई है। सरकार द्वारा 19 जून 2026 को यह प्रतिबंध अस्थायी तौर पर हटाए जाने के बाद से ही मंत्रियों के बंगलों पर फरियादियों की कतारें लग गई हैं। यह छूट 5 जुलाई 2026 तक की सीमित अवधि के लिए दी गई है, जिसके चलते कर्मचारी अपनी पदस्थापना बदलने के लिए बेहद उतावले नजर आ रहे हैं।

मंत्रियों के आवास पर बढ़ी गहमागहमी

जयपुर में मंत्रियों के बंगलों पर सुबह होते ही फरियादियों का हुजूम जमा हो जाता है। कई बार स्थिति यह होती है कि मंत्री जी को सुबह की चाय पीने का भी समय नहीं मिल पाता और उनके दरवाजे पर लोगों की भीड़ जमा हो जाती है। अपनी समस्याओं और तबादले की अर्जियां लेकर आने वाले लोगों में कर्मचारी खुद भी शामिल हैं और कई अपने साथ स्थानीय स्तर के प्रभावशाली नेताओं को भी लेकर पहुंच रहे हैं। लोग अपने संबंधित महकमों के मंत्रियों से मिलने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। कई फरियादी तो ऐसे हैं जो अपने इलाके के दिग्गज नेताओं से सीधे मंत्री जी या उनके निजी सहायक के पास फोन भी करवा रहे हैं ताकि उनकी बात को प्राथमिकता मिले।

किसे मिलेगी वरीयता और कौन है दायरे से बाहर

सरकार ने इस तबादला प्रक्रिया के लिए कुछ विशेष नियम तय किए हैं। प्रशासनिक सुधार विभाग के आदेशानुसार, यह नीति निगमों, बोर्डों, मंडलों और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी समान रूप से प्रभावी होगी। तबादलों में विशेष वरीयता निम्नलिखित श्रेणियों को दी जाएगी:

  • एकल महिला कर्मचारी
  • विधवा और परित्यक्ता महिलाएं
  • दिव्यांगजन
  • गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारी
  • सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी के मामले

हालांकि, सभी विभागों को यह सुविधा नहीं दी गई है। शिक्षा विभाग के अंतर्गत तृतीय श्रेणी के अध्यापकों के तबादलों पर प्रतिबंध पहले की तरह ही जारी रहेगा। इसके अलावा, चिकित्सा विभाग के कार्मिकों के तबादले भी फिलहाल नहीं किए जा सकेंगे और उन पर आगामी आदेशों तक रोक बनी रहेगी।

मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के आवास का नजारा

शुक्रवार को जब गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के सिविल लाइंस स्थित आवास का जायजा लिया गया, तो वहां बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा दिखाई दिया। यहां केवल गृह विभाग से जुड़े लोग ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि भी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। बड़ी संख्या में दिव्यांगजन भी अपनी विशेष परिस्थितियों का हवाला देते हुए तबादले की गुहार लेकर वहां पहुंचे थे।

मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने वहां मौजूद प्रत्येक फरियादी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से इस प्रक्रिया को संचालित कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हर मामले पर नियमों के दायरे में रहकर विचार किया जाएगा और जो भी कर्मचारी पात्र पाए जाएंगे, उनके हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

तबादलों की उम्मीद में भागदौड़

तबादलों पर से बैन हटने का समाचार सुनते ही कर्मचारियों में एक अलग तरह की खुशी देखी गई थी। कई कर्मचारी पिछले काफी समय से अपने गृह जिले या उसके आसपास पोस्टिंग पाने का इंतजार कर रहे थे। अब जब अवसर मिला है, तो वे अपनी उम्मीदों को पूरा करने के लिए जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं। मंत्रियों के घर पहुंच रहे लोग अपने साथ जनप्रतिनिधियों की सिफारिशी चिट्ठियां लेकर आ रहे हैं और तबादले के पक्ष में कई तरह के तर्क दिए जा रहे हैं। कुछ मामलों में लोग बेहद भावुक होकर भी अपनी बात रख रहे हैं। सरकार की इस सीमित समय सीमा के कारण मंत्रियों के बंगलों पर फरियादियों का यह जमावड़ा आगामी 5 जुलाई तक ऐसे ही जारी रहने की संभावना है।

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