राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड से हटने लगे कैमरे और सामान, खाली करने की प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी बंगले 10 सर्कुलर रोड को खाली कराने की कवायद तेज हो गई है। अंतिम नोटिस के बाद घर से सीसीटीवी कैमरे हटाने और सामान की शिफ्टिंग शुरू हो गई है।

10 सर्कुलर रोड से सामान निकालने का सिलसिला शुरू

बिहार की राजनीति में दशकों तक सत्ता का केंद्र रहे पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड पर इन दिनों हलचल तेज हो गई है। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का यह सरकारी आवास अब खाली होने की कगार पर है। शुक्रवार को इस बंगले के बाहर लगी सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखा गया। आवास के मुख्य द्वार और आसपास लगे CCTV कैमरों को हटा दिया गया है, जो इस बात का संकेत है कि अब बंगले को पूरी तरह खाली करने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। साथ ही, घर के भीतर रखे सामान को ट्रकों में लादकर अन्यत्र भेजने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

बिहार भवन निर्माण विभाग का कड़ा रुख

बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने इस मामले में काफी सख्ती बरती है। विभाग की ओर से 22 जून को राबड़ी देवी को एक अंतिम नोटिस थमाया गया था। इस आधिकारिक निर्देश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि उन्हें 29 जून तक हर हाल में सरकारी आवास को खाली करना होगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर परिसर को खाली नहीं किया जाता है, तो बिहार सरकारी परिसर अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नोटिस में यह भी याद दिलाया गया है कि पूर्व में भी कई बार राबड़ी देवी को आवास खाली करने के लिए कहा जा चुका है और उन्हें रहने के लिए 39 हार्डिंग रोड पर एक वैकल्पिक सरकारी आवास भी आवंटित किया गया है।

मई में भी मिला था नोटिस

यह बंगला खाली करने का विवाद काफी समय से चल रहा है। इससे पहले 29 मई 2026 को भी बिहार सरकार की ओर से राबड़ी देवी को 15 दिनों के भीतर बंगला खाली करने का नोटिस दिया गया था। हालांकि, उस दौरान उन्होंने सरकार के आदेश को मानने से साफ इनकार कर दिया था। उस वक्त मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दोटूक लहजे में कहा था कि वे अपनी मर्जी से यह घर खाली नहीं करेंगी। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में यह भी कहा था कि यदि सरकार चाहे तो बल प्रयोग करके उन्हें यहां से हटा सकती है, लेकिन वे स्वयं यह परिसर नहीं छोड़ेंगी।

आरजेडी के लिए भावुक और राजनीतिक केंद्र

राजनीतिक गलियारों में 10 सर्कुलर रोड केवल एक पता नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राजनीति का एक मजबूत गढ़ रहा है। राबड़ी देवी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान इसी आवास से पूरे राज्य की बागडोर संभाली थी। लालू प्रसाद यादव के परिवार के लिए यह बंगला वर्षों से राजनीतिक और निजी गतिविधियों का मुख्य केंद्र रहा है। यही कारण है कि इस बंगले को लेकर चल रही कानूनी और प्रशासनिक खींचतान चर्चा का विषय बनी हुई है।

29 जून की समय सीमा पर टिकी सबकी निगाहें

अब सबकी निगाहें 29 जून की तारीख पर टिकी हैं। भवन निर्माण विभाग ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि पूरी कार्रवाई नियमों के दायरे में की जा रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार के पास अब आगे की कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा, यदि तय तारीख तक बंगले की चाबियां उन्हें नहीं सौंपी जाती हैं। फिलहाल, सुरक्षा कैमरों का हटना और ट्रकों के जरिए सामान का जाना यह बताता है कि सरकार के अंतिम नोटिस का असर दिखने लगा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या 29 जून से पहले राबड़ी देवी स्वयं इस बंगले को खाली करती हैं, या प्रशासन को अपनी तरफ से कोई कड़ा कदम उठाना पड़ेगा।

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