बरेली जेल से फरार कैदी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

बरेली की केंद्रीय कारागार से भागने वाले एक आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी को पुलिस ने चार दिन बाद एक मुठभेड़ के बाद धर दबोचा। आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई जवाबी कार्रवाई में उसे पैर में गोली लगी है।

फरार कैदी के साथ पुलिस की मुठभेड़

बरेली स्थित केंद्रीय कारागार से फरार होने वाले एक शातिर कैदी को पुलिस ने आखिरकार पकड़ लिया है। आजीवन कारावास की सजा काट रहा यह बंदी जेल की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए भाग निकला था, लेकिन चार दिन की मशक्कत के बाद परतापुर इलाके से उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई। पुलिस टीम के साथ हुई मुठभेड़ में आरोपी ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए सरकारी बल पर फायरिंग भी की थी। इस जवाबी कार्रवाई में बंदी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पूछताछ के दौरान बंदी ने अपनी पहचान दिनेश के रूप में बताई है, जो अमरोहा के डिडोली थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसे साल 2020 में दर्ज हुए एक गंभीर मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

इस साल जनवरी में अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद

दिनेश की आपराधिक पृष्ठभूमि का विवरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि अमरोहा की एडीजे या पॉक्सो एक्ट अदालत ने नौ जनवरी 2026 को उसे आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा का ऐलान किया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे 19 अप्रैल 2026 को बरेली की केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित किया गया था। वह 22 जून 2026 की दोपहर को जेल के फार्म में मजदूरी कर रहा था। उसी दिन लगभग साढ़े बारह बजे उसने पानी पीने का बहाना बनाया और ट्यूबवेल की ओर निकल गया। वहां से वह ढेचा के खेतों की आड़ लेकर दीवार फांदने में कामयाब रहा और फरार हो गया। जेल से भागने के बाद वह परतापुर के निवासी नासिर कुरैशी के घर जाकर छिपा था। नासिर से उसकी जान-पहचान जेल की दीवार के पास काम करने के दौरान हुई थी।

पुलिस को मिली थी पास ही छिपे होने की सटीक सूचना

पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि दिनेश परतापुर के आसपास के क्षेत्र में छिपा हुआ है। जांच में यह भी सामने आया कि वह रात के अंधेरे में नासिर से एक तमंचा हासिल कर अपने गृह जनपद अमरोहा भागने की फिराक में था। पुलिस टीम को सड़क पर देखकर वह घबरा गया और एक खंडहरनुमा मकान में जा छिपा। जब पुलिस ने उसे चारों ओर से घेर लिया, तो पकड़े जाने के डर से उसने पुलिस पर जानलेवा हमला करते हुए फायर कर दिया। पुलिस ने संयम बरतते हुए उसे घेराबंदी कर काबू में कर लिया।

साल 2020 में दर्ज हुआ था गंभीर मुकदमा

आरोपी दिनेश के खिलाफ अमरोहा के डिडोली थाने में वर्ष 2020 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस पर धारा 377 भादवि, पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 और एससी एसटी एक्ट की धारा 3(2)V जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन अपराधों के चलते अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सख्त सजा दी थी। सजा भुगतने के लिए उसे बिजनौर जेल से बरेली स्थानांतरित किया गया था।

22 जून को जेल से फरार हुआ था कैदी

इस पूरे मामले पर एएसपी ने बताया कि 26 जून 2026 को थाना इज्जतनगर स्थित केंद्रीय कारागार से फरार हुए सिद्धदोष बंदी को पुलिस टीम ने मुठभेड़ के बाद धर दबोचा है। अरविंद के पुत्र दिनेश, निवासी नन्हेड़ा राजपूत, थाना डिडौली, जनपद अमरोहा के खिलाफ 25,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। वह मुकदमा संख्या 542/26 में वांछित था। उसे पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया था। मुठभेड़ के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है और पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।

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