बीकानेर की बेटी सिमरन का कमाल, वेल्डिंग करने वाले पिता की बिटिया बनी नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट

बीकानेर की होनहार खिलाड़ी सिमरन प्रवीन ने सीमित संसाधनों के बावजूद नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर परिवार और पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

बीकानेर की रहने वाली 12वीं कक्षा की छात्रा सिमरन प्रवीन ने बास्केटबॉल कोर्ट पर अपनी मेहनत और हुनर का लोहा मनवाया है। बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली सिमरन ने राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर मिसाल कायम की है। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो तंगी कभी भी सफलता की राह में रोड़ा नहीं बनती।

पिता की मेहनत और बेटी का जज्बा

सिमरन के पिता यूसुफ अली वेल्डिंग का काम करते हैं, जबकि उनकी माता मन्नत बानो एक गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित होने के बावजूद सिमरन के सपनों को कभी नहीं दबाया गया। सिमरन ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी बड़ी बहन से मिली प्रेरणा और अपने कोच नरेंद्र कस्वा के कुशल मार्गदर्शन को दिया है। खेल के प्रति उनका समर्पण ही है कि महज 3 साल के अभ्यास में ही उन्होंने यह मुकाम हासिल कर लिया है।

भविष्य के बड़े लक्ष्य

सिमरन प्रवीन अब तक कुल 2 नेशनल प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं। अपनी इस शानदार जीत के बाद अब उनका ध्यान और भी आगे जाने पर टिका है। सिमरन का मुख्य लक्ष्य भारतीय बास्केटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व करना है और देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना है। उनकी यह उपलब्धि राजस्थान के तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत रखते हैं।

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