खेती के लिए जुलाई का महत्व
मानसून के दस्तक देते ही कृषि कार्यों में तेजी आ जाती है और जुलाई का महीना किसानों के लिए संभावनाओं का द्वार खोलता है। इस समय मौसम में नमी और वातावरण की स्थिति सब्जियों की खेती के लिए सबसे उपयुक्त होती है। यदि सही तरीके से प्रबंधन किया जाए और खेती की सही तकनीकों को अपनाया जाए, तो किसान कम पानी और कम लागत में अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं। बोकारो कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर रंजय कुमार ने जुलाई के महीने में पांच प्रमुख सब्जियों की खेती करने की सलाह दी है, जो किसानों के लिए कम समय में मालामाल बनने का जरिया बन सकती हैं।
फूलगोभी और बंदगोभी से शानदार कमाई
डॉक्टर रंजय कुमार के अनुसार, जुलाई के दौरान फूलगोभी और बंदगोभी की अगेती किस्मों को लगाना किसानों के लिए एक बहुत ही लाभकारी निर्णय साबित हो सकता है। इन फसलों की खासियत यह है कि ये बेहद कम समय में यानी करीब 60 से 75 दिनों के भीतर ही तैयार हो जाती हैं। यदि हम एक एकड़ के हिसाब से गणना करें, तो इन फसलों में लगभग 30,000 से 55,000 रुपये तक की लागत आती है। बंपर पैदावार की बात करें तो किसान प्रति एकड़ 80 से 150 क्विंटल तक का उत्पादन ले सकते हैं। बाजार में मौजूद मांग और कीमतों के हिसाब से एक किसान इस फसल से आराम से 1 लाख से 3 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा हासिल कर सकता है।
भिंडी की खेती का जादू
भिंडी एक ऐसी फसल है जिसकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है और यह किसानों को लगातार कमाई का मौका देती है। भिंडी की फसल लगाने के बाद मात्र 45 से 60 दिनों के भीतर कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इस फसल की सबसे बड़ी खूबी इसका लगातार उत्पादन देना है, जहाँ एक बार फसल शुरू होने के बाद किसान हर 3 से 7 दिन के अंतराल पर तुड़ाई कर सकते हैं। एक एकड़ भिंडी की खेती में करीब 30,000 रुपये की लागत लगती है, जिसके बदले किसान बाजार में फसल बेचकर 80,000 से 2 लाख रुपये तक का मुनाफा बड़ी आसानी से कमा लेते हैं।
टमाटर और शिमला मिर्च का बड़ा मुनाफा
व्यावसायिक खेती में टमाटर और शिमला मिर्च का स्थान बहुत ऊंचा है। टमाटर की नर्सरी तैयार करने के बाद जब पौधों को खेत में रोपा जाता है, तो यह 60 से 80 दिनों में उत्पादन देना शुरू कर देता है। एक एकड़ में टमाटर की खेती करने के लिए 50,000 से 90,000 रुपये तक का निवेश करना पड़ता है, लेकिन इससे प्राप्त होने वाला उत्पादन 150 से 300 क्विंटल तक हो सकता है। बाजार भाव के अनुसार, एक किसान टमाटर की खेती से 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की कमाई कर सकता है। वहीं, शिमला मिर्च भी जुलाई में लगाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसे लगाने के बाद 60 से 80 दिनों के अंदर पैदावार शुरू हो जाती है। प्रति एकड़ 70,000 से 1 लाख रुपये की लागत लगाकर किसान 150 से 300 क्विंटल शिमला मिर्च का उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और इससे 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर सकते हैं।
बैंगन की खेती से बढ़ेगी आमदनी
बैंगन की फसल किसानों के लिए लंबे समय तक मुनाफे का सौदा बनी रहती है। यह फसल भी 60 से 80 दिनों के भीतर ही फसल देने के लिए तैयार हो जाती है। एक एकड़ में बैंगन की खेती के लिए 45,000 से 70,000 रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है। पैदावार के मामले में यह फसल काफी उन्नत है, जिसमें प्रति एकड़ 200 से 400 क्विंटल तक बैंगन प्राप्त किए जा सकते हैं। इस बंपर उत्पादन के माध्यम से किसान 2 लाख से 5 लाख रुपये तक का मुनाफा आराम से पा सकते हैं।
नर्सरी और पौधों की सुरक्षा के लिए जरूरी टिप्स
कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर रंजय कुमार ने सभी किसानों को यह सलाह दी है कि जिन सब्जियों की नर्सरी तैयार की जाती है, उनकी देखभाल में बिल्कुल भी कोताही न बरतें। जुलाई के महीने में अत्यधिक बारिश होने की संभावना रहती है, जिससे खेतों में पौधों के सड़ने और गलने की समस्या पैदा हो सकती है। किसानों को चाहिए कि वे पहले किसी सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर नर्सरी तैयार करें और पौधों में संतुलित खाद का प्रयोग सुनिश्चित करें। जब बारिश का दौर थोड़ा कम हो जाए, तभी पौधों का मुख्य खेत में रोपण करना सबसे बेहतर रहता है। ऐसा करने से पौधों के जीवित रहने की दर यानी सर्वाइवल रेट काफी बढ़ जाता है और अंततः किसान को उत्पादन भी काफी बेहतर मिलता है।
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