हिमाचल में राशन पाने वाले 74 लाख लोगों के लिए राहत, सर्वर ठप्प होने पर सरकार ने बदली वितरण की व्यवस्था

हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन दिनों से सर्वर में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण राशन वितरण प्रभावित था, जिसे देखते हुए सुक्खू सरकार ने अब क्यूआर कोड आधारित नई प्रणाली लागू की है।

राशन डिपो में सर्वर की समस्या से मिली राहत

हिमाचल प्रदेश में राशन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य में पिछले 3 दिनों से राशन वितरण प्रणाली का सर्वर पूरी तरह से ठप्प पड़ा था, जिसकी वजह से आधार आधारित सत्यापन प्रक्रिया रुक गई थी। इस तकनीकी खराबी के चलते प्रदेश भर के लाखों उपभोक्ताओं को राशन डिपो से खाली हाथ लौटना पड़ रहा था और उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। राज्य सरकार ने अब आम जनता को हो रही इस परेशानी को देखते हुए राशन वितरण की व्यवस्था में बदलाव करने का बड़ा फैसला लिया है।

क्यूआर कोड के जरिए मिलेगा राशन

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रवक्ता ने इस स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि आधार प्रमाणीकरण सेवाओं में तकनीकी खामियां आने के कारण ई-पास मशीनों के माध्यम से होने वाला राशन वितरण अस्थायी तौर पर प्रभावित हुआ है। विभाग ने इस तकनीकी समस्या को गंभीरता से लिया है और इसे जल्द से जल्द ठीक करने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी है।

फिलहाल उपभोक्ताओं को राशन मिलने में कोई रुकावट न आए, इसके लिए सरकार ने अंतरिम व्यवस्था के तहत ई-पास मशीनों में क्यूआर कोड आधारित वितरण सुविधा को सक्रिय कर दिया है। विभाग ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे अपनी नजदीकी उचित मूल्य की दुकानों पर जाकर पहले की तरह अपना निर्धारित राशन प्राप्त करना सुनिश्चित करें।

हिमाचल की राशन व्यवस्था के आंकड़े

हिमाचल प्रदेश में राशन वितरण तंत्र का जाल काफी व्यापक है। राज्य में कुल 5078 उचित मूल्य की दुकानें यानी राशन डिपो हैं, जिनके माध्यम से आम जनता तक रियायती दर पर अनाज पहुंचाया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस पूरी व्यवस्था से प्रदेश के लगभग 19.48 लाख राशन कार्डधारक जुड़े हुए हैं। अगर कुल लाभार्थियों की बात करें, तो राज्य के करीब 74.26 लाख लोग इन राशन डिपो के माध्यम से अपनी जरूरत का राशन प्राप्त करते हैं।

पहले की प्रक्रिया और बदलाव

इससे पहले तक हिमाचल प्रदेश में राशन लेने के लिए आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक करना अनिवार्य था। राशन प्राप्त करते समय उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड भेजा जाता था, जिसके सत्यापन के बाद ही उन्हें डिपो से राशन दिया जाता था। हालांकि, सर्वर की समस्या ने इस ओटीपी आधारित पूरी प्रक्रिया को बाधित कर दिया था। अब क्यूआर कोड सुविधा शुरू होने से लोगों को सर्वर ठीक होने तक के इंतजार से मुक्ति मिलेगी और राशन वितरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगी।

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