टोल पर अब नहीं लगेगा ब्रेक
हरियाणा के करनाल स्थित बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) प्रणाली का शुभारंभ कर दिया गया है। ठीक दोपहर 2 बजे इस अत्याधुनिक तकनीक को आधिकारिक तौर पर लागू किया गया। अब टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहन चालकों को वहां रुकने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होगी। गाड़ियां अपनी गति से टोल प्लाजा को पार करेंगी और उनका टोल टैक्स सीधे फास्टैग खाते से कट जाएगा। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यात्रियों का समय बचेगा और ईंधन की खपत भी कम होगी। टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों और वाहन चालकों व कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों से भी अब पूरी तरह निजात मिल सकेगी।
बदली कार्यप्रणाली और निगरानी का तरीका
इस नई तकनीकी शुरुआत के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की पीडी आकृति गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी वहां उपस्थित थे। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक परीक्षण सफल रहने के बाद ही इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए खोला गया है और यातायात का संचालन बेहद सहज तरीके से हो रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा से बैरियर और बूथों को हटा दिया गया है, जिससे वाहन चालक बिना किसी बाधा के निकल रहे हैं। अब टोल कर्मचारियों की भूमिका पूरी तरह से बदल गई है। कर्मचारी अब केवल तकनीकी संचालन और सुरक्षा संबंधी निगरानी का कार्य देखेंगे। किसी भी वाहन को रोककर कागजात या पहचान पत्र की जांच करने का पुराना नियम अब पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है, जिससे यातायात का प्रवाह निरंतर बना रहेगा।
स्थानीय वाहनों के लिए नई पास नीति
एमएलएफएफ सिस्टम आने के बाद स्थानीय स्तर पर पास बनवाने के नियमों में बदलाव किया गया है। अब टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले निवासियों को विशेष सुविधा दी गई है। इसके तहत वाहन चालकों को 350 रुपये का मासिक पास बनवाना अनिवार्य होगा। जिन लोगों ने पहले से स्थानीय पास बनवा रखे हैं, वे तब तक वैध रहेंगे। नए वाहन मालिक अपने जरूरी दस्तावेज जमा करके यह मासिक पास हासिल कर सकते हैं, जिसके बाद वे पूरे महीने जितनी बार चाहें, आवाजाही कर सकेंगे। इसके अलावा सरकार ने 3075 रुपये का एक वार्षिक पास भी पेश किया है, जिसमें 200 ट्रिप की सुविधा शामिल है। यदि किसी के पास मासिक और वार्षिक दोनों पास उपलब्ध हैं, तो प्राथमिकता के तौर पर मासिक पास की ट्रिप गिना जाएगा, ताकि वार्षिक पास की राशि सुरक्षित रहे।
फास्टैग अनिवार्य और जुर्माने का प्रावधान
टोल प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि फास्टैग न होने की स्थिति में वाहन चालकों को राहत नहीं मिलेगी। जिन गाड़ियों में फास्टैग नहीं होगा, उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर टोल पार करने के बाद नोटिस भेज दिया जाएगा। संबंधित चालक को टोल शुल्क का भुगतान 24 घंटे के भीतर करना होगा। यदि कोई 72 घंटे तक भी भुगतान करने में विफल रहता है, तो उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा और भविष्य में यह टोल शुल्क दोगुना भी हो सकता है। नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ प्रशासन बेहद सख्त है। यदि कोई अपनी नंबर प्लेट छिपाकर या बदलकर टैक्स से बचने की कोशिश करेगा, तो उसे कानूनी अपराध माना जाएगा और ऐसे मामलों में भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
देशभर में तकनीक के विस्तार की तैयारी
टोल मैनेजर प्रदीप मलिक के अनुसार, बस्ताड़ा टोल प्लाजा हरियाणा का पहला और भारत का चौथा ऐसा स्थान बन गया है, जहां एमएलएफएफ सिस्टम का सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है। उन्होंने सभी वाहन चालकों से आग्रह किया है कि वे अपने फास्टैग में हमेशा पर्याप्त बैलेंस रखें ताकि यात्रा में कोई खलल न पड़े। भविष्य में केंद्र सरकार इस तकनीक को देश के हर टोल प्लाजा पर लागू करने की योजना बना रही है। इस तकनीक से समय, ईंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। यह नई व्यवस्था सड़क परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
https://www.indiatv.in/haryana/haryanas-first-free-flow-toll-launched-after-mlff-system-implemented-at-bastara-toll-plaza-in-karnal-2026-06-26-1227463