उच्च शिक्षा की दिशा में सारण प्रशासन की नई पहल
बिहार के सारण जिले में छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जिले के उन सभी 9 प्रखंडों में अब डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू होने जा रहा है, जहां अब तक उच्च शिक्षा की सुविधा का अभाव था। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'सात निश्चय-3' के तहत 'उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य' को साकार करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इन कॉलेजों के खुलने से अब ग्रामीण और सुदूर इलाकों के युवाओं को डिग्री की पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। आगामी 1 जुलाई 2026 से इन शैक्षणिक केंद्रों में विधिवत रूप से पढ़ाई की शुरुआत कर दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने लिया तैयारियों का जायजा
इस पूरी योजना की प्रगति की समीक्षा करने के लिए सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वयं धरातल पर उतरकर निरीक्षण किया। उन्होंने दरियापुर प्रखंड के दरिहारा उच्च विद्यालय परिसर का दौरा किया, जहां प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के लिए आधारभूत ढांचे तैयार किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और वर्तमान स्थिति को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा के विस्तार की है और इसके लिए सभी प्रशासनिक तैयारियां समय रहते पूरी की जानी चाहिए।
इन 9 प्रखंडों में होगी नई सुविधा
जिले के जिन क्षेत्रों में अब तक एक भी डिग्री कॉलेज नहीं था, वहां के निवासियों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। जिन 9 प्रखंडों में 1 जुलाई से शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
- तरैया
- मकेर
- एकमा
- दरियापुर
- मढ़ौरा
- मशरक
- लहलादपुर
- पानापुर
- इसुआपुर
इन सभी प्रखंडों में तत्काल प्रभाव से चिह्नित सरकारी भवनों को कॉलेज के रूप में उपयोग में लाया जाएगा। इससे न केवल संसाधनों की बचत होगी, बल्कि छात्रों के लिए सत्र समय पर शुरू करना भी सुनिश्चित हो सकेगा।
निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पाया कि दरिहारा उच्च विद्यालय परिसर में काम की गति संतोषजनक नहीं है। हालांकि वहां चार क्लासरूम, एक प्राचार्य कक्ष और एक प्रयोगशाला का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, लेकिन सौंदर्यीकरण और फिनिशिंग का कार्य अभी बाकी है। जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसी को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि आगामी दो दिनों के भीतर शेष सभी कार्यों को हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इसके अतिरिक्त, छात्रों की सुविधा के लिए शौचालय के निर्माण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है।
जल जमाव से मुक्ति और परिसर की सुरक्षा
कॉलेज परिसर में भविष्य में जल जमाव जैसी समस्या न हो, इसके लिए भी जिलाधिकारी ने ठोस कदम उठाए हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी, दरियापुर को निर्देश दिया गया है कि पंचायत समिति के माध्यम से इस योजना को स्वीकृत कराकर परिसर में पेवर ब्लॉक लगवाए जाएं। पेवर ब्लॉक का उपयोग इस प्रकार किया जाएगा कि बारिश का पानी आसानी से निकल जाए और परिसर हमेशा स्वच्छ एवं सुरक्षित रहे।
लापरवाही पर प्रशासन सख्त
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी और परियोजना निदेशक, NHAI को निर्देश दिया कि काम को पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के अंदर समाप्त करें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि 1 जुलाई को जब कक्षाएं शुरू हों, तो छात्रों को एक व्यवस्थित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
लड़कियों की शिक्षा पर विशेष जोर
इस पहल का एक मुख्य पहलू छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ना भी है। अक्सर दूरदराज के क्षेत्रों में कॉलेज न होने के कारण लड़कियां स्नातक की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाती थीं। अब स्थानीय स्तर पर डिग्री कॉलेज खुलने से ग्रामीण युवतियों के लिए उच्च शिक्षा की राह आसान हो जाएगी। यह कदम न केवल साक्षरता दर को बढ़ाएगा बल्कि क्षेत्र की बेटियों के भविष्य को भी उज्ज्वल बनाने में मददगार साबित होगा। सभी संबंधित विभागों को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर इस कार्य को सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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