विधानसभा में पेश हो सकता है अहम विधेयक
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की तैयारी में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार अगले सोमवार को राज्य विधानसभा में इससे संबंधित विधेयक पेश कर सकती है। इस महत्वपूर्ण कदम के लिए विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाए जाने की भी चर्चाएं जोरों पर हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
क्या है समान नागरिक संहिता का उद्देश्य
समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के लिए समान कानूनों का प्रावधान करना है, चाहे उनकी जाति या धर्म कुछ भी हो। इस कानून के लागू होने से निम्नलिखित बदलाव संभावित हैं:
- विवाह और तलाक से जुड़े नियम सभी समुदायों के लिए एक समान होंगे।
- संपत्ति और उत्तराधिकार के कानूनों में एकरूपता लाई जाएगी।
- गोद लेने की प्रक्रिया और गुजारा भत्ता जैसे संवेदनशील मामलों को धर्मनिरपेक्ष कानून के अधीन किया जाएगा।
देश का चौथा भाजपा शासित राज्य बनने की ओर
यदि पश्चिम बंगाल सरकार विधानसभा में यह विधेयक पारित कराने में सफल रहती है, तो यह समान नागरिक संहिता की दिशा में कदम उठाने वाला देश का चौथा भाजपा शासित राज्य बन जाएगा। गौरतलब है कि फरवरी 2024 में उत्तराखंड ने सबसे पहले UCC कानून पारित किया था, जिसके बाद गुजरात और असम ने भी इसी दिशा में अपने कदम बढ़ाए हैं।
चुनाव में किया था बड़ा वादा
भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अपने 'संकल्प पत्र' में UCC को एक प्रमुख मुद्दा बनाया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक रूप से वादा किया था कि सत्ता में आने के 6 महीने के भीतर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। इसी क्रम में, हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी राज्य में जुलाई तक UCC लागू करने के संकेत दिए थे।
चुनाव नतीजों का गणित
हालिया विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत किया है। कुल 293 सीटों में से भाजपा ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जो बाद में फाल्टा विधानसभा उपचुनाव के परिणाम आने के बाद बढ़कर 208 हो गई। दूसरी ओर, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई। अब नई सरकार अपने मुख्य चुनावी वादे को जमीन पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।
https://www.indiatv.in/west-bengal/suvendu-govt-to-table-ucc-uniform-civil-code-bill-in-bengal-assembly-next-week-2026-06-25-1227395