शहर में फैली दहशत
राजस्थान के पाली शहर की गलियों में इन दिनों आवारा कुत्तों का खौफ इस कदर हावी है कि लोग सड़क पर चलने से कतरा रहे हैं। पिछले 48 घंटों के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों में आवारा कुत्तों ने कुल 17 लोगों को अपना निशाना बनाया है। इस घटनाक्रम से पूरे शहर में दहशत का माहौल है और लोग अपने बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने में डर महसूस कर रहे हैं।
घायलों में बच्चों की संख्या अधिक
कुत्तों के हमलों का शिकार होने वालों में सबसे अधिक संख्या 5 से 10 साल के मासूम बच्चों की है। इसके अलावा महिलाएं और बुजुर्ग भी इन हिंसक कुत्तों का शिकार बने हैं। बुधवार को भी 5 नए लोग डॉग बाइट की शिकायत लेकर बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे, जिन्हें डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक उपचार देकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई।
घटनाओं का विवरण
शहर के विभिन्न इलाकों से लगातार हमले की खबरें सामने आ रही हैं:
- पुराना हाउसिंग बोर्ड निवासी 40 वर्षीय दीपा पर उस वक्त हमला हुआ जब वह ई-मित्र केंद्र जा रही थीं।
- धनला गांव की 21 वर्षीय मोनिका को उस समय कुत्ते ने काटा जब वह दूध लेने के लिए घर से बाहर निकली थी।
- मंडिया गांव की 10 वर्षीय निकिता अपने घर के बाड़े में थी, तभी कुत्ते ने भागकर उसे जख्मी कर दिया।
- मंगलवार को आंबेडकर नगर, शिव नगर, शिव कॉलोनी और मंडिया रोड क्षेत्र में एक ही दिन में 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें प्रेम (7 वर्ष), दिवम (7 वर्ष), देवांशी (5 वर्ष), दलपत (8 वर्ष), मोहन (10 वर्ष) और भावना (13 वर्ष) जैसे मासूम बच्चे शामिल हैं।
- 76 वर्षीय बुजुर्ग नैनाराम और अन्य नागरिक भी इस हमले में घायल हुए हैं।
नगर निगम पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या निरंतर बढ़ रही है, लेकिन नगर निगम प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से मूकदर्शक बना हुआ है। शहरवासियों का आरोप है कि कुत्तों को पकड़ने या उनकी नसबंदी करने के लिए कोई ठोस या प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। आक्रोशित निवासियों ने मांग की है कि नगर निगम प्रशासन को जल्द से जल्द विशेष अभियान चलाकर इन खूंखार कुत्तों को पकड़ना चाहिए ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।
https://hindi.news18.com/news/rajasthan/pali-terror-of-stray-dogs-in-pali-17-people-injured-in-48-hours-people-getting-anti-rabies-injections-local18-ws-l-10603266.html