राम मंदिर जमीन खरीद घोटाला: संजय सिंह ने एसआईटी को सौंपे 11 अहम दस्तावेज

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीद में हुई कथित गड़बड़ियों के सबूत एसआईटी को सौंप दिए हैं। इस मामले पर अरविंद केजरीवाल ने तीखे सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

एसआईटी को सौंपे सबूत

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने श्री राम मंदिर के लिए जमीन खरीद में हुए कथित करोड़ों रुपए के घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज एसआईटी के हवाले कर दिए हैं। एसआईटी अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के लखनऊ कार्यालय में पहुंचकर संजय सिंह ने कुल 11 दस्तावेजों का सेट सौंपा है। इन सबूतों में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य बड़े नामों के शामिल होने का दावा किया गया है। संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी ओर से सबूत पेश कर दिए हैं, लेकिन आगे की कानूनी कार्रवाई क्या होगी, यह प्रभु श्री राम ही बेहतर जानते हैं।

अरविंद केजरीवाल का गंभीर आरोप

पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी, हीरों की चोरी और भगवान की पादुका का गायब होना बेहद गंभीर मामला है। केजरीवाल ने कहा कि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने एसआईटी की वैधता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि बिना एफआईआर के एसआईटी का गठन किस कानून के तहत किया गया है। केजरीवाल के अनुसार, चंपत राय के पास ऐसे कौन से राज हैं कि सरकार उनके सामने मजबूर दिखती है, जबकि एसआईटी केवल छोटे कर्मचारियों से पूछताछ कर मामले को दबाने में लगी है।

दस्तावेजों में क्या है बड़ा खुलासा

संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दस्तावेजों का ब्यौरा देते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:

  • नजूल की जमीन: ट्रस्ट द्वारा 24 करोड़ रुपए में खरीदी गई जमीन वास्तव में नजूल की है, जिसे खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। एसडीएम अयोध्या ने भी इसे सरकारी जमीन माना है।
  • कीमतों में भारी अंतर: एक मामला ऐसा सामने आया है जिसमें 2 करोड़ रुपए की जमीन महज 5 मिनट बाद ट्रस्ट को 18.5 करोड़ रुपए में बेची गई।
  • महंगी खरीद: 9 करोड़ रुपए की जमीन को 55 करोड़ 47 लाख रुपए में खरीदे जाने का भी उल्लेख है, जबकि उसी क्षेत्र में सरकार द्वारा जमीन कहीं कम दामों पर अधिग्रहित की गई थी।
  • सांठगांठ का आरोप: जमीन खरीद के कई मामलों में तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के गवाह होने की बात सामने आई है।

संजय सिंह ने मांग की है कि इन तमाम दस्तावेजों की विस्तार से जांच हो और सच्चाई जनता के सामने आए। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे खुद अयोध्या जाकर इन जमीन सौदों की वास्तविकता की पड़ताल करें।

https://hindi.news18.com/news/nation/ayodhya-ram-mandir-land-scam-aap-sanjay-singh-handed-over-11-documents-to-sit-local18-10603329.html