राम मंदिर दान मामले में SIT की सख्त कार्रवाई
अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर के दान-पात्र में हुई कथित हेराफेरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल यानी SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अब कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज की है।
किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 8 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। ट्रस्ट की ओर से दी गई तहरीर के बाद पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की कई कड़ी धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
क्या हैं वे कानूनी धाराएं और सजा का प्रावधान
आरोपियों के खिलाफ BNS की 5 गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इन धाराओं के तहत दोषियों को मिलने वाली संभावित सजा इस प्रकार है:
- पेशेवर विश्वासघात: मंदिर ट्रस्ट के धन को लेकर की गई धोखाधड़ी के चलते आरोपियों को लंबी जेल की सजा हो सकती है।
- चोरी का माल छिपाना: पुलिस का आरोप है कि इस पूरे खेल में चोरी के माल को ठिकाने लगाने और उसे छिपाने का प्रयास किया गया है, जो कि एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
- साजिश और साक्ष्य मिटाना: कानून विशेषज्ञों के अनुसार, इन धाराओं के तहत अपराध सिद्ध होने पर आरोपियों को न केवल कारावास, बल्कि आर्थिक दंड भी भुगतना पड़ सकता है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और SIT इस बात की पड़ताल कर रही है कि इस पूरी साजिश के पीछे और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि सबूतों के आधार पर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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