साजिश का केंद्र बना लोहगढ़ किला
केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में पुणे ग्रामीण के एसपी संदीप गिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कई सनसनीखेज जानकारियां साझा की हैं। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह हत्या अचानक नहीं, बल्कि बहुत पहले से सोची-समझी एक सोची-समझी साजिश थी। इस खौफनाक योजना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने लोहगढ़ किले को चुना था।
लगातार होती रही रेकी और असफल प्रयास
पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी कुछ इस प्रकार है:
- 31 मई को आरोपियों ने पहली बार लोहगढ़ किले की रेकी की थी। चूंकि केतन को ट्रेकिंग का बहुत शौक था, आरोपियों ने इसी का फायदा उठाने की योजना बनाई।
- 4 जून को आरोपियों ने केतन की हत्या का पहला प्रयास किया, लेकिन किसी तकनीकी या अन्य कारणों से वे कामयाब नहीं हो सके। इसी दौरान पासपोर्ट खोने जैसी घटनाएं भी सामने आईं।
- 14 जून को आरोपियों ने दोबारा केतन को पहाड़ी से नीचे धकेलने की कोशिश की, जो फिर से विफल रही। खास बात यह है कि केतन को आरोपियों की चाल पर रत्ती भर भी शक नहीं हुआ।
- 18 जून को आरोपी चेतन चौधरी ने खुद मौके पर पहुंचकर केतन अग्रवाल को उसी पॉइंट से नीचे धकेल दिया, जिससे केतन की मौत हो गई।
कौन थे केतन अग्रवाल और क्या थी पृष्ठभूमि
मृतक केतन अग्रवाल (25) महाराष्ट्र के बड़े कारोबारी घराने 'सक्सेस ग्रुप' के डायरेक्टर थे। इस वर्ष फरवरी में उनकी सगाई सिया गोयल (20) के साथ तय हुई थी। नवंबर में दोनों का विवाह होना था और उदयपुर में इसके लिए तैयारियां भी चल रही थीं। सिया गोयल एक धनाढ्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन अग्रवाल परिवार को इस बात की भनक तक नहीं थी कि सिया का प्रेम संबंध चेतन चौधरी (22) के साथ चल रहा है।
https://www.indiatv.in/maharashtra/new-twist-in-ketan-agarwal-murder-case-police-reveal-murder-plot-was-hatched-at-lohgarh-fort-lonavala-2026-06-25-1227340