जब सरदार के भेष में कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे थे नरेंद्र मोदी, मदन राठौड़ ने साझा किया आपातकाल का संस्मरण

जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता मदन राठौड़ ने 1975 के आपातकाल से जुड़ा एक दिलचस्प वाकया सुनाया। उन्होंने बताया कि किस तरह नरेंद्र मोदी उस मुश्किल दौर में भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों का हौसला बढ़ाने आए थे।

आपातकाल के दौरान का अनसुना किस्सा

जयपुर में भारतीय जनता पार्टी के एक आयोजन के दौरान मदन राठौड़ ने वर्ष 1975 के आपातकाल के कठिन दिनों को याद किया। उन्होंने उस दौर में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लिए गए फैसलों की आलोचना करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर की गई कार्रवाई का जिक्र किया।

नरेंद्र मोदी का साहसिक सफर

मदन राठौड़ ने बताया कि आपातकाल की उस चुनौतीपूर्ण अवधि में नरेंद्र मोदी जालोर और सिरोही के इलाकों में सक्रिय थे। उन्होंने कहा कि उस समय नरेंद्र मोदी जेल में बंद लोकतंत्र सेनानियों से मुलाकात करने के लिए पहुंचे थे। राठौड़ के अनुसार, उस वक्त अपनी पहचान छिपाने और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए नरेंद्र मोदी ने एक सरदार का भेष धारण किया हुआ था।

पहचानने में हुई थी चूक

मदन राठौड़ ने खुलासा किया कि वे स्वयं उस समय नरेंद्र मोदी से मिले थे, लेकिन उस क्षण उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि सरदार के वेश में मौजूद वह व्यक्ति असल में नरेंद्र मोदी हैं। उन्होंने बताया कि उस दौर में कार्यकर्ताओं और सेनानियों के साथ संपर्क बनाए रखना कितना जोखिम भरा कार्य था, जिसे नरेंद्र मोदी ने बड़ी चतुराई से अंजाम दिया था।

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