खाद की बढ़ती कीमतों और किल्लत से बेहाल किसान, बालाघाट में खेती पर संकट

बालाघाट जिले में खाद के बढ़ते दामों और बाजार में खाद की कमी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अपनी फसल को बचाने के लिए किसान अब महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं।

बालाघाट में खाद के लिए जूझ रहे किसान

बालाघाट जिले के किसान इस समय काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। खेती के सीजन में खाद की भारी किल्लत और उसके बढ़ते दामों ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। किसानों को उम्मीद थी कि सरकार उन्हें रियायती दरों पर खाद और बीज उपलब्ध कराएगी, लेकिन फिलहाल उन्हें हकीकत कुछ और ही दिख रही है।

सहकारी समितियों में महंगाई की मार

जिले की सहकारी समितियों में खाद का स्टॉक तो है, लेकिन वहां भी कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है। इस महंगाई ने किसानों के पसीने छुड़ा दिए हैं। किसानों का साफ तौर पर कहना है कि सरकार उनके साथ छलावा कर रही है। समय पर उचित दाम में खाद और बीज न मिल पाना खेती के काम में एक बड़ी बाधा बन गया है।

निजी बाजारों में भी खाद का संकट

सिर्फ सहकारी समितियां ही नहीं, बल्कि निजी केंद्रों पर भी खाद की उपलब्धता ना के बराबर है। इसके कारण पंजीकृत और बिना पंजीयन वाले दोनों तरह के किसान गहरे संकट में हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने के लिए बाजार में मिलने वाले महंगे खाद को खरीदने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं सूझ रहा है।

तकनीकी दिक्कतों से बढ़ी परेशानी

खाद की समस्या के साथ ही तकनीकी खामियां भी किसानों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। पंजीकृत किसानों को खाद लेने के दौरान आईडी जनरेट करने और ओटीपी मिलने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरी स्थिति को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है और वे सीधे तौर पर सरकारी व्यवस्था को अपनी परेशानी के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं।

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