विधानसभा में इस्लामिक कानून की मांग
महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही के दौरान एनसीपी के अजित पवार गुट की विधायक सना मलिक ने एक विवादास्पद मांग रखते हुए सबको चौंका दिया है। सना मलिक ने सदन में अपनी बात रखते हुए भारत में कुरान आधारित कानून लागू करने की वकालत की। उन्होंने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में भी उसी तरह का इस्लामिक कानून होना चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं और विरोध का दौर शुरू हो गया है।
तीन तलाक और बहुविवाह पर दी राय
तीन तलाक के मुद्दे पर बोलते हुए सना मलिक ने इसे धार्मिक परंपराओं से जोड़कर पेश किया। उन्होंने तर्क दिया कि तलाक के जो विभिन्न तरीके हैं, वे पहले से ही अस्तित्व में हैं। इसके अलावा बहुविवाह यानी पॉलीगैमी के मुद्दे पर उनका कहना था कि यह केवल एक धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य धर्मों में भी ऐसी प्रथाएं मौजूद हैं। उन्होंने मांग की कि इसके लिए एक व्यवस्थित कानून लाया जाना चाहिए, जो संविधान के दायरे में हो और किसी धर्म की भावनाओं को आहत न करे। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा में इस विषय पर चर्चा के दौरान गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
सोशल मीडिया पर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद सना मलिक ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर सफाई पेश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा में उन्होंने केवल ट्रिपल तलाक एक्ट के क्रियान्वयन को लेकर अपना पक्ष रखा था। उनका कहना है कि किसी भी कानून का निर्माण संविधान के अनुरूप होना चाहिए और उसे किसी विशेष धर्म के खिलाफ नहीं होना चाहिए।
बीजेपी का तीखा पलटवार
सना मलिक के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। बीजेपी विधायक नितेश राणे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार पहले ही तीन तलाक पर ठोस निर्णय ले चुकी है। राणे ने उन लोगों पर निशाना साधा जो संविधान का हवाला तो देते हैं लेकिन अपने हितों के लिए उसका विरोध करते हैं। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि यदि किसी को भारत के कानून और संविधान से परेशानी है, तो उन्हें अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए और पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
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